ललाट पे संस्कार, आँखों में तेज, चेहरे पे मुस्कुराहट व दिल में सकारात्मकता..यही है सफलता का मूलमंत्र : चौहान
बगोदर। खुशी क्लास के भावों से, जिंदगी जीने का वरदान मिला है। हंसी-मुस्कान के सूत्र है, टेंसन से लड़ने का प्रमाण मिला है। इसी उद्घोष के साथ कस्तूरबा बालिका आवासीय प्लस टू विद्यालय, बगोदर में 538 वां खुशी क्लास लगा। गिरीडीह जिला में 14 सितंबर से आयोजित खुशी मिशन का अंतिम पड़ाव 21 सितंबर को बगोदर में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता वार्डन शकीरा बानो ने किया। लाइफ केयर हॉस्पिटल, रांची व खुशी क्लास के तत्वावधान में आयोजित खुशी क्लास में शकीरा बानो ने कहा, सही मायने में खुशी के साथ ही मंजिल पाई जा सकती है। तनाव में हम मंजिल पा भी लियें तो हम उसका सार्थक उपयोग नहीं कर पाएंगे। खुशी क्लास के संस्थापक सह संचालक मुकेश सिंह चौहान ने कहा, खुश रहकर ही हम तनाव से लड़ सकते हैं। यह खुशी सकारात्मक भाव से आते हैं। हम जो प्रतिदिन करते हैं, उसका सिर्फ नजरिया बदलिए ; जिंदगी जीने का अंदाज बदल जाएगा। तनाव में आकर आत्महत्या के बारे में सोचना भी महापाप है। खुद में सकारात्मक भाव जगाएं, तनाव स्वतः भाग जाएगा। चौहान ने छात्राओं से कहा, आपके ललाट पर संस्कार, आंखों में ओज-तेज, चेहरे पर मुस्कुराहट व दिल में सकारात्मकता होनी चाहिए। यही चार मूलमंत्र आपको सफलता की ओर ले जाएंगे। जिंदगी है तो मुश्किलें भी आएंगी, पर उन मुश्किलों को पकड़कर बैठना नहीं है। मेहनत व हौसले के बदौलत सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ते जाना है। सफलता मिलनी तय है। अंत में खुशी क्लास से उत्साहित छात्राओं ने तनावमुक्त हो जिंदादिली से जिंदगी जीने का और इसी राह पर आगे बढ़ मंजिल पाने का संकल्प लिया।


