जज्बे में हो सकारात्मक उफान तो मुट्ठी में होगा तूफान : मुकेश चौहान
गिरीडीह। शहर के जिला स्कूल में 532 वां, कस्तूरबा बालिका आवासीय गिरीडीह में 533 वां खुशी क्लास व पपरवाटांड़ दुर्गा मंडप के पास 593 वां खुशी चौपाल का आयोजन हुआ। लाइफ केयर हॉस्पिटल रांची व खुशी क्लास के तत्वावधान में आयोजित खुशी चौपाल व खुशी क्लास का संचालन कर रहे प्रकाश मिश्रा ने कहा कि आज के गलघोंटू प्रतिस्पर्धा में चहुंओर तनाव फैल गया है। यह तनाव आत्महत्या का प्रतिशत तेजी से बढ़ाता जा रहा है। हम जिंदगी जीना ही भूलते जा रहे हैं। खुशी चौपाल तनावमुक्त होकर जिंदादिली से जीने का संदेश लेकर आई है। तनाव दूर भगाने का एकमात्र औषधि ही है ” खुशी “। खुशी क्लास के संस्थापक सह संचालक मुकेश सिंह चौहान ने कहा कि तनाव, डिप्रेशन, हाईपरटेंशन, आत्महत्या की प्रवृत्ति को समाज से खदेड़ ही देनी है। सकारात्मक माहौल में घर के आंगन और स्वयं दिल में खुशी के दीप को जलाए रखना है। जिंदगी हमें जिंदादिली से जीने को मिली है। इसे हम तनाव-डिप्रेशन के हवाले तो कतई नहीं करेंगे। खुशी रथ के इस आग्रह को ग्रामीणों ने खुले दिल से स्वीकारा। कहा कि हम बनेंगे खुशी दूत, होगा हमारा खुशहाल परिवार और समाज। चौहान ने आगे कहा कि सकारात्मकता आपके आत्मबल और हौसले को जबरदस्त रूप से बढ़ाता है। खुशी का मतलब सिर्फ यह नहीं है कि हमेशा हंसते ही रहें। खुशी आपके आत्मशक्ति में छुपी है। किसी भी तरह के दर्द-पीड़ा, झंझवत का मुकाबला सकारात्मक भाव से करें। तनाव-निराशा खुद पर हावी न होने दें। खुशियों का स्वागत दिल खोल कर करें और मुश्किलों का सामना सकारात्मक भाव से करें। सही मायने में यही खुशी है। अंत में सभी से सकारात्मकता के साथ खुश रहने की अशीर्वादी मांगी गई। खुशी चौपाल में ग्रामीणों ने व खुशी क्लास में छात्रों ने हाथ उठाकर कहा- खुशी रथ का दिल से स्वागत। हम अपने जिंदगी में खुशी संदेश को उतारने का भरपूर प्रयास करेंगे।


