गिरीडीह। शहर के कार्मेल उवि व दिल्ली पब्लिक स्कूल, डीपीएस में सोमवार को खुशी क्लास का आयोजन हुआ। लाइफ केयर हॉस्पिटल रांची और खुशी मिशन के तत्वावधान में आयोजित खुशी क्लास को सम्बोधित करते हुए संस्थापक सह संचालक मुकेश सिंह चौहान ने कहा कि परीक्षा में प्राप्त अंक को कभी भी तनाव में नहीं लें। अंक सिर्फ माध्यम मात्र है, आपकी व्यक्तित्व की पहचान नहीं। जैसे सड़क के किनारे मील के पत्थर यह बताते हैं कि आप किसी जगह से कितनी दूरी पर हैं। बस इसी तरह अंक बता देता है कि अभी आपको और आगे जानी है या आप कहां खड़े हैं।
सिर्फ कैरियर पर फोकस नहीं, बल्कि संपूर्ण व्यक्तित्व विकाश पर ध्यान केंद्रित करें
सिर्फ कैरियर पर फोकस नहीं, बल्कि संपूर्ण व्यक्तित्व विकाश पर ध्यान केंद्रित करें। यह खुशी के साथ ही संभव है। कहा कि जब आप खुश रहते हैं या दोस्तो के साथ रहते हैं तो सेल्फी लेते है। वहीं जब आप दुखी या तनाव मे रहें तब सेल्फी ले। जब दोनो फोटो को आप देखते हैं तो तनाव वाले फोटो को डिलीट कर देते है। क्योकि उस फोटो मे आपका चेहरा अच्छा नही दिखता है। उन्होने बताया कि सकारात्मकता के गर्भ से खुशी जन्म लेती है। खुश रहकर ही आप मंजिल को पा सकते हैं, जिंदगी जिंदादिली के साथ जी सकते हैं। इसका कोई विकल्प है ही नहीं।
खुशी के साथ सकारात्मकता को हथियार बना मंजिल फतेह कीजिए
जब आप पसीने से भिंगेंगे तो कपड़ा बदलेंगे, लेकिन सकारात्मक मेहनत से निकले पसीने से भिंगेंगे तो इतिहास बदल देंगे। दोनों स्कूल में खुशी क्लास का संचालन कर रहे प्रकाश मिश्रा ने कहा कि तनाव क्रोध के रूप में बाहर निकलकर हमारे व्यक्तित्व को तहस-नहस कर देती है। तनाव में कोई भी मंजिल पा ही नहीं सकते। इसलिए खुशी के साथ सकारात्मकता को हथियार बना मंजिल फतेह कीजिए। असफलता हमेशा सफलता की पहली सीढ़ी होती है। इसलिए असफलता से घबराना नहीं है। बल्कि इस पर पैर रखकर सफलता की मंजिल तक पहुंच जाना है। कार्मेल स्कूल में अध्यक्षता शिक्षक मुकुंद मुरारी पाठक व धन्यवाद ज्ञापन दीपक हांसदा ने किया। डीपीएस में अध्यक्षता प्रिंसिपल सोनी तिवारी, विषय प्रवेश अनंदिता गुप्ता व धन्यवाद ज्ञापन उप प्राचार्य विकाश सिन्हा ने किया। कार्यक्रम के अंत में चौहान ने स्कूल प्रबंधन से आग्रह किया कि कभी भी कोई तनाव से सम्बंधित मामला आए, खुशी क्लास से जरूर संपर्क करें। निःशुल्क हर संभव मदद पहुंचाई जाएगी।


