रामगढ़। झारखंड की महत्वपूर्ण पतरातू विद्युत ऊर्जा निगम लिमिटेड की अड़चन लगभग खत्म हो गई है। ग्रामीणों के साथ प्लांट प्रबंधन के संबंध बेहतर करने के लिए रामगढ़ जिला प्रशासन ने शनिवार को बेहद अहम बैठक की। इस बैठक में ग्रामीणों ने अपनी बातें रखी। जिस पर प्लांट प्रबंधन और जिला प्रशासन ने अपना पक्ष रखा। सहमति बनने के बाद पीवीयूएनएल का काम रसदा, बालकुदरा, जयनगर और गेगदा गांव में एक बार फिर से शुरू हो जाएगा। जमीन का सर्वे, भू अर्जन, नौकरी, ठेकेदारी, प्रदूषण, फसल क्षति, विस्थापित पहचान पत्र, सहकारी समिति निर्माण जैसे मुद्दे पर गंभीरता पूर्वक चर्चा हुई और ग्रामीणों को पूर्ण रूप से सहयोग करने का आश्वासन मिला। रामगढ़ डीसी फ़ैज़ अक अहमद मुमताज की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी भी मौजूद थे।
प्लांट शुरू करने में आ रही अड़चन पर हुई बात
बैठक के दौरान सर्वप्रथम डीसी द्वारा पतरातू प्रखंड में पीवीवीएनएल पावर प्लांट चालू करने को लेकर आ रही समस्याओं से सभी को अवगत कराया गया। इस दौरान सर्वे, भूअर्जन, नौकरी, ठेकेदारी कार्य, फसल क्षति, विस्थापित पहचान पत्र, सहकारी समिति निर्माण, फाइनेंसियल लिटरेसी, ग्रीवांस सेल निर्माण सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर पीवीयूएनएल के अधिकारियों, माननीय विधायक एवं संबंधित ग्राम के निवासियों के साथ चर्चा की गई। मौके पर ग्राम के निवासियों द्वारा अपने पक्ष को सभी के समक्ष रखा गया। जिस पर डीसी एवं पीवीयूएनएल के अधिकारियों द्वारा कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गयी।
बैठक में ये थे उपस्थित
बैठक में एसपी अजय कुमार, डीएफओ नीतीश कुमार, अपर समाहर्ता गीतांजलि कुमारी, अनुमंडल पदाधिकारी अनुराग कुमार तिवारी, भूमि सुधार उपसमाहर्ता दीप्ति प्रियंका कुजूर, प्रभारी पदाधिकारी गोपनीय शाखा रविंद्र कुमार गुप्ता, अंचल अधिकारी पतरातू, पीवीयूएनएल पदाधिकारी, रैयत सहित अन्य उपस्थित थे।


