जमशेदपुर। 29 जून को झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में भारी बारिश के बाद जलमग्न हुए एक निजी आवासीय स्कूल में फंसे कम से कम 162 छात्रों को रविवार को पुलिस ने बचा लिया. एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी. भारी बारिश के कारण परिसर में पानी भर जाने के बाद शनिवार रात से ही छात्र कोवाली थाना क्षेत्र के हल्दीपोखर-कोवाली रोड पर पंडरसोली स्थित स्कूल में फंसे हुए थे।
ग्रामीण एसपी ने दी पूरी जानकारी
पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ऋषभ गर्ग ने बताया,”हमें सूचना मिली कि लव कुश आवासीय विद्यालय के 162 छात्र भारी बारिश के कारण स्कूल परिसर में पानी भर जाने के कारण फंस गए हैं. चूंकि स्कूल की इमारत पानी में डूब गई थी, इसलिए शिक्षकों ने सभी छात्रों को छत पर भेज दिया, जहां उन्होंने रात बिताई. आज सुबह करीब 5.30 बजे सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं और ग्रामीणों की मदद से एक-एक करके छात्रों को बचाया.” उन्होंने कहा कि बचाव अभियान के लिए नावों का इस्तेमाल किया गया और एनडीआरएफ की मदद ली गई. हालांकि, पुलिस टीम ने एनडीआरएफ टीम के पहुंचने से पहले छात्रों को बचा लिया।
घर भेजे जा रहे सभी छात्र
कोवाली थाना प्रभारी धनंजय पासवान ने बताया कि बारिश के कारण एक मंजिला आवासीय विद्यालय की इमारत पूरी तरह जलमग्न हो गई है. उन्होंने कहा, “अगली सूचना तक विद्यालय को बंद कर दिया गया है.” पासवान ने बताया कि स्थानीय छात्रों को उनके घर भेज दिया गया है, जबकि जिला प्रशासन डुमरिया, घाटशिला, मुसाबनी और जमशेदपुर समेत जिले भर के अन्य छात्रों को उनके घर भेजने की व्यवस्था कर रहा है।
पूर्वी सिंहभूम और खरसावां में खतरा
इस बीच, पूर्वी सिंहभूम और खरसावां के जिला प्रशासन ने ओडिशा के रायरंगपुर बांध से पानी छोड़े जाने के अलावा खरखाई और सुवर्णरेखा नदियों में अचानक जलस्तर बढ़ने की संभावना के मद्देनजर अलर्ट जारी कर दिया है. पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने खरखाई और स्वर्णरेखा नदियों के जलग्रहण क्षेत्र में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे नदियों में अचानक उफान आने पर सतर्क रहें और प्रशासन की सलाह का पालन करें। सत्यार्थी ने अनुमंडल पदाधिकारी, नगर निकायों के पदाधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों और अंचलाधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया और लोगों से सहयोग की अपील की. उन्होंने लोगों से किसी भी सहायता के लिए जिला नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने को कहा. सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने जिले के कार्यपालक और तकनीकी इकाइयों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया. उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशील क्षेत्रों, खासकर नदियों के पास के डूब वाले क्षेत्रों, साथ ही चांडिल बांध की पहचान करने और लोगों को सार्वजनिक संबोधन प्रणालियों के माध्यम से सचेत करने को कहा. उन्होंने जिला सिविल सर्जन को सभी स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट पर रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मोबाइल मेडिकल यूनिट और एंबुलेंस की तैनाती सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।


