Palamu : पलामू पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के दो शूटरों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी जेवर कारोबारी से रंगदारी वसूलने और फायरिंग की घटना को अंजाम देने की तैयारी में थे। पुलिस ने इनके पास से दो देसी कट्टा, दो जिंदा गोली और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मेदिनीनगर टाउन थाना क्षेत्र के पहाड़ी मोहल्ला निवासी मोहम्मद नाजीम और मुर्तजा अंसारी के रूप में हुई है। एसपी रीष्मा रमेशन मुताबिक 21 दिसंबर को मेदिनीनगर के एक ज्वेलरी कारोबारी रंजीत कुमार सोनी से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। इस मामले में टाउन थाना पुलिस ने छापेमारी कर दोनों को गिरफ्तार किया।
सोशल मीडिया से मिला प्रिंस खान का नंबर
पुलिस जांच में सामने आया है कि कुछ दिन पहले चतरा जिले में एक कारोबारी से करोड़ों की रंगदारी मांगी गई थी। इस घटना से जुड़ी खबरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। इन्हीं खबरों के जरिए नाजीम और मुर्तजा को प्रिंस खान का मोबाइल नंबर मिला। इसके बाद नाजीम ने प्रिंस खान से संपर्क किया। नाजीम पहले ज्वेलरी कारोबारी से खरीदारी कर चुका था। उसी खरीदारी के बिल से उसे कारोबारी का मोबाइल नंबर मिला, जिसे उसने प्रिंस खान को दे दिया। इसके बाद रंगदारी की पूरी साजिश रची गई।
फायरिंग से पहले की थी रेकी
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी फायरिंग की घटना से पहले ज्वेलरी दुकान की रेकी कर चुके थे। शक से बचने के लिए वे दुकान के बगल में स्थित केक शॉप में भी गए थे। नाजीम ने वहां केक का ऑर्डर दिया था, ताकि किसी को उन पर शक न हो। पुलिस को रेकी से जुड़े सीसीटीवी फुटेज भी मिले हैं। गिरफ्तारी के समय दोनों के पास एक पाइप भी मिला, जो देखने में हथियार जैसा लग रहा था। पुलिस को आशंका है कि इसका इस्तेमाल डर फैलाने के लिए किया जाना था।
24 हजार रुपये एडवांस, बैंक खाता सील करने की तैयारी
पलामू की एसपी रीष्मा रमेशन ने बताया कि प्रिंस खान ने नाजीम के बैंक खाते में 24 हजार रुपये एडवांस के तौर पर भेजे थे। पुलिस ने संबंधित बैंक खाते को सील करने के लिए पत्र लिखा है। पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।
रंगदारी में मिलने थे 20 प्रतिशत पैसे
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि रंगदारी की रकम में से 20 प्रतिशत हिस्सा उन्हें मिलना था, जबकि 80 प्रतिशत प्रिंस खान को जाना था। दोनों पैसों की तंगी से जूझ रहे थे। मुर्तजा अंसारी ऑटो चलाता था और किराए के मकान में रहता था। मकान मालिक किराए के लिए दबाव बना रहा था। वहीं नाजीम पहले भी आर्म्स एक्ट के मामले में जेल जा चुका है।
इस कार्रवाई में सब इंस्पेक्टर तंजीलुल मन्नान, सब इंस्पेक्टर नीरज कुमार समेत कई पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस का कहना है कि समय रहते कार्रवाई कर एक बड़ी आपराधिक घटना को टाल दिया गया है।


