Pakur : पाकुड़ में एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। तिलभीटा और कोटलपोखर रेलवे स्टेशन के बीच अज्ञात लोगों ने रेल पटरी पर भारी बाधा डालकर ट्रेन को पलटाने की साजिश रची थी। समय रहते आरपीएफ और जीआरपी की सतर्कता से इस साजिश का खुलासा हो गया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। घटना 10 जनवरी की रात की है। कुमारपुर गांव के पास लेवल क्रॉसिंग गेट संख्या 41/सी के समीप रेलवे ट्रैक पर करीब 1.57 मीटर लंबा कटा हुआ रेल का टुकड़ा रखा गया था। यदि समय पर यह बाधा नहीं हटाई जाती तो किसी भी ट्रेन के गुजरने पर बड़ा हादसा हो सकता था और यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती थी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए आरपीएफ पोस्ट पाकुड़ में 11 जनवरी 2026 को कांड संख्या 18/2026 दर्ज किया गया। इसके बाद आरपीएफ, जीआरपी पाकुड़ और आरपीएफ सीआईबी बर्दवान की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। जांच के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान यार मोहम्मद शेख उर्फ जोकर (29), राहुल शेख (27) और नजमी शेख (33) के रूप में हुई है।पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे इससे पहले 6 जनवरी की रात तिलभीटा स्टेशन पर मालगाड़ी से कोयला चोरी की घटना में भी शामिल थे। चोरी का कोयला अवैध रूप से बेच दिया गया था। मुख्य आरोपी यार मोहम्मद ने बताया कि उसके कुछ साथियों की गिरफ्तारी से वह नाराज था। इसी गुस्से में उसने रेलवे प्रशासन और आरपीएफ को परेशान करने के इरादे से यह खतरनाक साजिश रची।14 जनवरी को गुप्त सूचना के आधार पर पहले यार मोहम्मद और राहुल शेख को गिरफ्तार किया गया, जबकि तीसरे आरोपी नजमी शेख को कुमारपुर गांव के पास से पकड़ा गया। इस मामले में आरपीएफ के साथ-साथ जीआरपी ने भी अलग से केस दर्ज किया है। आरोपियों पर रेलवे अधिनियम की धारा 153, 174(सी), 147 सहित बीएनएस और पीडीपीपी एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। तीनों आरोपियों को 14 जनवरी 2026 को न्यायालय में पेश किया गया। रेलवे और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समय रहते की गई कार्रवाई से एक बड़ा रेल हादसा टल गया। मामले की आगे की जांच जारी है।


