रांची। रांची विश्वविद्यालय का 66वां स्थापना दिवस आज शनिवार (12 जुलाई 2025) को धूमधाम से मनाया गया. रांची विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ डीके सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय आवश्यकताओं के अनुसार विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाना है. ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि विद्यार्थियों को सिर्फ डिग्री ही नहीं बल्कि बेहतर प्लेसमेंट भी दिया जा सके. शिक्षकों की कमी दूर करना उनकी प्राथमिकता है. विश्वविद्यालय स्थापना दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए उन्होंने ये बातें कहीं.
छात्राओं ने दी शिव वंदना की मनमोहक प्रस्तुति
मोरहाबादी के बेसिक साइंस परिसर स्थित आर्यभट्ट सभागार में आयोजित इस स्थापना दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ पीएफए विभाग के छात्रों द्वारा प्रस्तुत राष्ट्रगान तथा कुलगीत से किया गया. रांची विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ डीके सिंह, कुलसचिव डॉ जीसी साहु, डीएसडब्ल्यू डॉ सुदेश कुमार साहु, एफए अजोय कुमार, प्रॉक्टर सह निदेशक सीवीएस डॉ मुकुंद चंद्र मेहता ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. इस अवसर पर पीएफए विभाग की छात्राओं ने कत्थक नृत्य की तराना शैली में शिव वंदना की मनमोहक प्रस्तुति दी.
रांची विश्वविद्यालय का हो एलुमनी ग्रुप-डॉ डीके सिंह
रांची विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ डीके सिंह ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उत्तराखंड से आकर झारखंड के रांची विश्वविद्यालय में कार्य करने का अवसर मिला है. रांची विश्वविद्यालय के लिए और भी बहुत कुछ नया करना है. राष्ट्रीय आवश्यकताओं के अनुसार विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाना है, तभी राष्ट्र की भी सेवा संभव होगी. रांची विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय आवश्यकताओं के अनुसार लेकर आगे बढ़ेंगे. शिक्षकों की कमी दूर करना उनकी प्राथमिकता है. एनइपी 2020 को लक्षित कर काम करना चाहिए. उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती छात्रों का एक एलुमनी ग्रुप होना चाहिए, ताकि जो बड़ी जगहों पर हैं, उनकी मदद लेकर उद्योगों में रोजगारपरक आवश्यकताओं के अनुसार कार्य किया जा सके. इससे सिर्फ डिग्री ही नहीं बल्कि प्लेसमेंट भी दिया जा सकेगा.


