हिमाचल …महाभारत में आपने द्रौपदी और उनके पांच पतियों की कहानी जरूर सुनी होगी. लेकिन अगर हम कहे कि आज के दौर में एक महिला के दो या उससे अधिक पति हो सकते हैं, तो क्या आप यकीन करेंगे. शायद नहीं. मगर भारत के एक हिस्से में अभी भी ये परंपरा जिंदा है, जहां एक महिला के एक से अधिक पति होना न तो अजीब माना जाता है, न ही गैरकानूनी. इसे बहुपति प्रथा कहा जाता है.
हिमाचल में दो भाइयों ने की एक लड़की से शादी
हाल ही में हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई इलाके से ऐसी ही एक खबर सामने आई है. एबीपी न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार यहां दो सगे भाइयों ने एक ही युवती से शादी कर ली. गांववालों ने इस शादी को पूरी खुशी और उत्साह के साथ स्वीकारा. यह अनोखी शादी “उजला पक्ष” की परंपरा के तहत संपन्न हुई, जो हाटी समुदाय की सदियों पुरानी परंपरा मानी जाती है. बताया जा रहा है कि दोनों भाइयों में से एक राज्य के जल शक्ति विभाग में कार्यरत है, जबकि दूसरा विदेश में नौकरी करता है. दोनों ने मिलकर एक ही पत्नी को अपनाया और इस परंपरा को फिर से जीवंत कर दिया.
क्या है बहुपति प्रथा?
- यह परंपरा नई नहीं है. हिमाचल के सिरमौर जिले के अलावा उत्तराखंड के जौनसार बावर और किन्नौर जैसे इलाकों में भी सदियों से इस प्रथा का चलन है.
- इस प्रथा में एक महिला दो या उससे अधिक पुरुषों (अक्सर सगे भाइयों) की पत्नी होती है
- रिपोर्ट में कहा गया है कि इसकी मुख्य वजह जमीन और संपत्ति के बंटवारे से बचने के लिए किया जाता था. पहले के समय में जब परिवार के पुरुष सदस्य लंबे समय तक बाहर काम करने जाते थे, तो महिला बाकी पतियों के साथ घर की जिम्मेदारियां निभाती थी. यह रिवाज 1970 और 1980 के दशक तक सामान्य था, लेकिन फिर धीरे-धीरे इसका चलन खत्म हो गया. हालांकि यह परंपरा अब बहुत कम देखने को मिलते हैं, इसलिए जब ऐसा मामला सामने आता है, तो यह चर्चा में आ जाता है.
क्या यह कानूनी है?
भारतीय कानून एक महिला के एक से अधिक पति रखने को मान्यता नहीं देता, लेकिन ऐसे मामले जब पारंपरिक सामाजिक मान्यताओं के तहत होते हैं, तो स्थानीय स्तर पर इन्हें स्वीकार किया जाता है. इनका जिक्र आमतौर पर संस्कृति और परंपरा के हिस्से के रूप में किया जाता है.
आखिर क्यों जिंदा है ये परंपरा कुछ जगहों पर?
बदलते समय के साथ भले ही समाज आधुनिक हो गया हो, लेकिन कुछ क्षेत्र आज भी अपनी परंपराओं को जीवित रखे हुए हैं. सिरमौर से आया ये ताजा मामला बताता है कि भारत जैसे विविधता भरे देश में आज भी कई ऐसे अनछुए सामाजिक पहलू मौजूद हैं, जिनसे बहुत लोग अनजान हैं.


