पहलगाम …एशिया कप 2025 में रविवार को भारत और पाकिस्तान की क्रिकेट टीमें दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आमने-सामने होंगी। लेकिन इस मैच को लेकर पहलगाम आतंकी हमले में अपनों को खोने वाले परिवारों में भारी गुस्सा है। गुजरात के सावन परमार, जिन्होंने इस साल अप्रैल में हुए हमले में अपने पिता और 16 साल के भाई को खो दिया, ने कहा, “अगर आप मैच खेलना चाहते हैं, तो मेरे भाई को वापस लाइए, जिसे इतनी गोलियां लगी थीं।”
पीड़ित परिवारों का दर्द
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने 26 पर्यटकों की हत्या कर दी थी। इस हमले में सावन ने अपने पिता और भाई को खोया। उन्होंने एएनआई से कहा, “भारत-पाकिस्तान मैच की खबर सुनकर हम बहुत दुखी हैं। पाकिस्तान से कोई रिश्ता नहीं होना चाहिए। ऑपरेशन सिंदूर अब बेकार लगता है।”
सावन की मां किरण यतीश परमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया, “जब ऑपरेशन सिंदूर अभी पूरा नहीं हुआ, तो यह मैच क्यों हो रहा है? हमारे जख्म अभी ताजा हैं।” उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे पीड़ित परिवारों से मिलें और उनका दर्द समझें।
ऑपरेशन सिंदूर और विवाद
मई 2025 में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों पर हमला किया था। भारत ने इसे आतंकी ढांचे पर सटीक कार्रवाई बताया, लेकिन पाकिस्तान ने नागरिक हताहत होने का दावा किया। पीड़ित परिवारों का कहना है कि जब तक न्याय पूरा नहीं होता, तब तक ऐसे मैच नहीं होने चाहिए।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
शनिवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने इस मैच को ‘राष्ट्रीय भावनाओं का अपमान’ बताया। उन्होंने कहा, “एशिया कप मैच का बहिष्कार आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को दुनिया के सामने लाने का मौका है।” कई परिवारों ने इस मैच का बहिष्कार करने की मांग की है।
क्यों उठा विवाद?
पहलगाम हमले में लश्कर-ए-तैयबा की शाखा TRF ने जिम्मेदारी ली थी। इस हमले ने कई परिवारों को तोड़ दिया, और अब यह मैच उनके जख्मों को कुरेद रहा है। पीड़ित परिवार और कुछ नेता चाहते हैं कि क्रिकेट से पहले आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।


