Dumka : झारखंड के दुमका जिले से पुलिस की दबंगई का एक गंभीर मामला सामने आया है। हंसडीहा थाना प्रभारी और पुलिसकर्मियों पर जिले के दो सीनियर पत्रकारों के साथ मारपीट और बदसलूकी का आरोप लगा है। इस घटना से जिलेभर के पत्रकारों में भारी आक्रोश है।
मिली जानकारी के अनुसार, Times Now Navbharat के सीनियर पत्रकार मृत्युंजय पांडेय और News18 के पत्रकार नितेश वर्मा बीती रात ढाका मोड़ पर एक कार्यक्रम में शामिल होकर कार से दुमका लौट रहे थे। इसी दौरान हंसडीहा चौक पर जाम लगा हुआ था। जाम का कारण जानने के लिए दोनों पत्रकार अपनी गाड़ी से नीचे उतरे।
आरोप है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने पहले पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की की। जब पत्रकारों ने अपना परिचय दिया और मीडिया से जुड़े होने की बात कही, इसके बावजूद थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। इसके बाद दोनों पत्रकारों को जबरन हंसडीहा थाना ले जाया गया, जहां भी उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया।
पीड़ित पत्रकारों का आरोप है कि मृत्युंजय पांडेय को कई घंटे तक थाना में बैठाकर रखा गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। हालात उस वक्त बदले जब मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार को मिली। एसपी के हस्तक्षेप के बाद पत्रकारों को थाना से छोड़ा गया।
सूत्रों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए कई थानों की पुलिस और दो डीएसपी हंसडीहा थाना पहुंचे, जिसके बाद स्थिति नियंत्रण में आई।
इस घटना के बाद दुमका जिले के पत्रकारों में जबरदस्त रोष है। पत्रकार संगठनों ने पुलिस की इस कार्रवाई को प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताते हुए दोषी थाना प्रभारी और पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।


