रामगढ़ में ‘अंडरलोडिंग’ से खेला फिर से हुआ शुरू
रामगढ़। झारखंड से बिहार जाने वाले अवैध कोयला कारोबार पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में बिहार पुलिस ने बॉर्डर पूरी तरह सील कर दिया है। चौक-चौराहों से लेकर हर एंट्री प्वाइंट तक कड़ी नाकेबंदी के चलते अवैध कोयला लदे ट्रकों की आवाजाही अचानक ठप हो गई है।
कल तक जो गाड़ियां रात के अंधेरे में सरपट दौड़ती थीं, आज वे सीमा पर खड़ी-खड़ी सिस्टम के सख्त पहरे के आगे बेबस नजर आ रही हैं।
हर गाड़ी की परत-दर-परत जांच
बॉर्डर पर 24×7 पुलिस तैनाती, हाई-इंटेंसिटी चेकिंग
संदिग्ध ट्रकों की तुरंत जब्ती, ड्राइवरों से पूछताछ
इंटेलिजेंस इनपुट पर स्पेशल रेड और नाकेबंदी नतीजा अवैध कोयला ट्रांसपोर्ट का पहिया लगभग जाम, माफिया बैकफुट पर आ गया है।
सिस्टम में नई चाल ‘अंडरलोडिंग मॉडल’
सख्ती के बाद अब नेटवर्क ने नया रास्ता खोज लिया है। ट्रकों में कम मात्रा में कोयला लोड कर कागजों में वैध दिखाने की तैयारी और
छोटे-छोटे खेप, ज्यादा ट्रिप—ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके। साफ संकेत—धंधा बंद नहीं, बस तरीका बदल रहा है।
इंट्री रेट में कटौती—नेटवर्क को फिर जिंदा करने की कोशिश
इधर भरोसेमंद सूत्रों ने बताया कि इंट्री घटाकर नेटवर्क को ज़िंदा करने की कोशिश शुरू किया गया है। इधर अंडरलोडिंग से “कम रिस्क–कम मुनाफा, लेकिन लगातार सप्लाई” का फॉर्मूला जारी किया गया है।
जैसे ही सख्ती ढीली पड़ेगी, गाड़ियां फिर सरपट दौड़ाने लगेगी। लोडिंग पॉइंट्स पर धीमी गतिविधि, पर सिस्टम एक्टिव
रूट और टाइमिंग बदलने की गुप्त रणनीति बनाई गई है।
कई गाड़ियां अंदर फंसी, आगे बढ़ने का रास्ता बंद
नेटवर्क से जुड़े लोगों में घबराहट और बेचैनी है। अब सवाल उठता है कि
क्या पुलिस की यह सख्ती लंबे समय तक कायम रहेगी?या माफिया नई चाल से फिर सिस्टम में सेंध लगाएंगे?।


