रांची…भगवान शिव का प्रिय महीना सावन 11 जुलाई से शुरू हो रहा है. पूरे प्रदेश में शिवभक्ति का उत्साह चरम पर है. एक ओर जहां शिवालयों में विशेष पूजा-अर्चना और श्रद्धालुओं की व्यवस्था को लेकर तैयारी तेज है. वहीं, दूसरी ओर बाजार में हरा और गेरुआ रंग पूरी तरह छा गया है. महिलाएं सावन के स्वागत के लिए हरी चूड़ियों, साड़ियों व पूजा सामग्री की खरीदारी में जुटी हैं. तो कांवरियों के लिए गेरुआ वस्त्र, गमछा, झोला, और ‘बोल बम’ की टी-शर्ट की भारी मांग देखी जा रही है. रांची के बाजारों में भी हरी चूड़ी, गेरुआ वस्त्र और श्रृंगार के सामान की काफी डिमांड है.
रांची के शिवालय सावन के लिए तैयार
रांची का ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर, विश्वनाथ मंदिर, महाकाल मंदिर और सुरेश्वर महादेव मंदिर सहित अन्य शिवालयों में सावन को लेकर विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं. सावन सोमवारी के अवसर पर अरघा के माध्यम से जलाभिषेक की व्यवस्था की गयी है. प्रत्येक सोमवार और नागपंचमी के दिन विशेष पूजा और महाआरती होगी. भक्तों के लिए जल, लोटा और कतारबद्ध दर्शन की व्यवस्था की गयी है. चुटिया स्थित सुरेश्वर महादेव मंदिर में इस बार भक्तों का प्रवेश पश्चिम द्वार से और निकासी दक्षिण द्वार से करायी जायेगी.
इस सावन हरी चूड़ियां महिलाओं की पहली पसंद बनी हुई है. रंगरेज गली, अपर बाजार और मेन रोड की दुकानों पर 50 से अधिक डिजाइनों की चूड़िया फिरोजाबाद से मंगायी गयी हैं. चूड़ियों की कीमत 30 से 100 प्रति डब्बा, जबकि पूरा मैचिंग सेट 150 तक का है. हरे रंग की साड़ियों और सूट्स की भी बड़ी रेंज उपलब्ध है. कॉटन, सिल्क, सिफॉन और चुनरी प्रिट की साड़ियों की कीमत 1000 से शुरू होकर 5000 तक जा रही है. युवतियों के बीच हरी कुर्ती, सेमी स्टिच सूट और प्लाजो की मांग सबसे अधिक है. मालूम हो कि हरी चूड़ियां सुहाग का प्रतीक मानी जाती हैं.


