New Delhi : भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो अपने इतिहास के सबसे कठिन दौर से गुजर रही है। रोजाना लगभग 2300 फ्लाइट्स ऑपरेट करने वाली और घरेलू विमानन बाजार में 60% हिस्सेदारी रखने वाली इस एयरलाइन का बाजार मूल्य हालिया संकट के बाद करीब 21,000 करोड़ रुपये तक घट गया है।
इसी बीच नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एयरलाइन के संचालन में हुई गड़बड़ियों की जांच तेज कर दी है और चार फ्लाइट इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है। डीजीसीए की जांच समिति में जॉइंट डायरेक्टर जनरल संजय ब्रह्माने, डिप्टी डायरेक्टर जनरल अमित गुप्ता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। समिति एयरलाइन के मानव संसाधन, रोस्टर सिस्टम और पायलटों के ड्यूटी पीरियड और रेस्ट नियमों की समीक्षा करेगी।
इंडिगो ने गुरुवार को यात्रियों के लिए रिफंड और मुआवजे की घोषणा की। एयरलाइन ने कहा कि 3, 4 और 5 दिसंबर को यात्रा करने वाले प्रभावित यात्रियों को 10,000 रुपये के ट्रैवल वाउचर दिए जाएंगे। यह वाउचर अगले 12 महीने में इंडिगो की फ्लाइट्स पर इस्तेमाल किया जा सकेगा। उन यात्रियों के लिए जो टिकट ट्रैवल पार्टनर प्लेटफॉर्म से खरीदे थे, एयरलाइन ने रिफंड प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इंडिगो की हालिया उड़ानों में भी परेशानियां रही हैं। शुक्रवार को बंगलूरू एयरपोर्ट से 54 उड़ानें रद्द हुईं, जबकि गुरुवार को दिल्ली और बंगलूरू से 200 से अधिक उड़ानें रद्द की गई थीं।
डीजीसीए की इस कार्रवाई और इंडिगो के मुआवजे के फैसले से उम्मीद है कि यात्रियों की परेशानियां कुछ हद तक कम होंगी और एयरलाइन अपने संचालन को जल्द सुधारने की दिशा में कदम बढ़ाएगी।


