Bokaro : उत्तरी छोटानागपुर प्रक्षेत्र में संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाने की दिशा में गुरुवार को अहम पहल की गई। बोकारो जोन के आईजी सुनील भास्कर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक कार्यशाला आयोजित की। इसमें प्रक्षेत्र के सभी रेंज डीआईजी, जिलों के एसपी, एसडीपीओ, डीएसपी और अन्य पुलिस पदाधिकारी शामिल हुए। कार्यशाला का फोकस नक्सल कांड, अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और साइबर अपराध जैसे मामलों में संलिप्त अपराधियों की अवैध संपत्ति पर कार्रवाई रहा। आईजी ने बीएनएसएस की धारा 107 के तहत संपत्ति जब्ती और कुर्की के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करने पर जोर दिया।
अपराध की कमाई की पहचान पर जोर
पुलिस पदाधिकारियों को अपराध से अर्जित संपत्ति की परिभाषा, उसकी पहचान और आकलन की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही संबंधित न्यायालय से समन्वय बनाकर कानूनी कार्रवाई कैसे की जाए, इस पर भी विस्तार से चर्चा हुई। पत्राचार के विभिन्न प्रारूपों और आवश्यक दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया को भी समझाया गया।
विशेष अनुसंधान टीम गठित करने के निर्देश
आईजी सुनील भास्कर ने निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में मुख्य अनुसंधानकर्ता के नेतृत्व में विशेष अनुसंधान टीम बनाई जाए। टीम में सहायक अनुसंधानकर्ताओं की भूमिका और जिम्मेदारियां पहले से तय हों, ताकि जांच मजबूत और कानूनी रूप से टिकाऊ हो।
हर जिले में कम से कम एक बड़ी कार्रवाई का आदेश
बैठक के अंत में सभी जिलों को निर्देश दिया गया कि कम से कम एक दुरदांत अपराधी के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 107 के तहत संपत्ति जब्ती की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आईजी ने कहा कि अपराध से कमाई गई संपत्ति पर चोट कर संगठित अपराध की रीढ़ तोड़ना ही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।


