देश-विदेश: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। करीब 20 साल की दूरी और राजनीतिक मतभेदों को खत्म करते हुए उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक बार फिर साथ आ गए हैं। आगामी बीएमसी सहित राज्य के 28 नगर निगम चुनावों के लिए शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) ने गठबंधन करने का फैसला किया है।
स्थानीय निकाय चुनावों में विपक्ष की हार के बाद दोनों दलों ने एकजुट होकर चुनाव लड़ने की रणनीति बनाई। गठबंधन की पहल तब शुरू हुई जब शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने राज ठाकरे के निवास शिवतीर्थ जाकर मुलाकात की। इसके बाद एमएनएस नेताओं ने उद्धव ठाकरे के आवास मातोश्री पहुंचकर बातचीत को अंतिम रूप दिया। वर्ष 2005-06 में अलग होने के बाद यह पहला मौका है जब ठाकरे भाई किसी बड़े चुनाव में साथ उतरेंगे।
सीट बंटवारे को लेकर दोनों दलों के बीच बातचीत हुई। बताया गया है कि शिवसेना (यूबीटी) अपनी जीती हुई 84 सीटों में से 12 से 15 सीटें एमएनएस को देने पर सहमत हुई है। कुछ सीटों को लेकर मतभेद के कारण गठबंधन की घोषणा में एक दिन की देरी हुई, लेकिन अब सहमति बन गई है।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीएमसी चुनाव में यह गठबंधन अहम भूमिका निभा सकता है। मराठी मतदाताओं को एकजुट करने से सत्ताधारी गठबंधन को कड़ी चुनौती मिलने की संभावना है। दोनों दलों के कार्यकर्ताओं में इस गठबंधन को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।


