रामगढ़।संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई को तेज करने के उद्देश्य से रामगढ़ पुलिस कार्यालय में मंगलवार को एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उ०छो० क्षेत्र हजारीबाग के पुलिस उप-महानिरीक्षक अंजनी कुमार झा के आगमन पर पुलिस अधीक्षक अजय कुमार तथा सहायक पुलिस अधीक्षक -सह-अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पतरातू गौरव गोस्वामी ने पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया।
घटित घटनाओं पर गहन मंथन
बैठक के दौरान जनवरी 2026 से अब तक संगठित आपराधिक गिरोहों द्वारा किए गए फायरिंग, आगजनी, पोस्टरबाजी और धमकी भरे कॉल जैसे मामलों की कांडवार समीक्षा की गई। इसमें अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, थाना एवं ओपी प्रभारी सहित अनुसंधानकर्ताओं को सीधे तौर पर जवाबदेह बनाया गया।
अपराधियों पर सख्त निगरानी और एक्शन प्लान
डीआईजी ने विशेष रूप से उन अपराधियों पर फोकस किया जो जेल से छूटकर बाहर हैं या जमानत पर हैं। उनके खिलाफ चल रही सर्विलांस, डोजियर और सीसीए जैसी कार्रवाई की समीक्षा करते हुए निगरानी और कड़ी करने के निर्देश दिए गए।
मीटिंग के बाद जारी हुए 14 बड़े निर्देश, अपराध और गिरोह पर सीधा वार
डीआईजी अंजनी झा ने अपने आदेशों में कहा है कि व्यवसायियों /संवेदकों को धमकी मिलने पर तुरंत मामला दर्ज करने, गिरोह को सूचना देने वाले स्थानीय सहयोगियों की पहचान और कार्रवाई, फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और कुर्की-जब्ती तेज करने, सर्विलांस और इंटेलिजेंस मजबूत करने, रोजाना एंटी क्राइम चेकिंग (लोकेशन बदल-बदलकर) रक्षक ऐप में एंट्री अनिवार्य, खुफिया तंत्र को और मजबूत करने, कानूनी कार्रवाई में तेजी, कांडों में स्पीडी ट्रायल सुनिश्चित कर सजा दिलाने, कोर्ट से वारंट, इश्तेहार और कुर्की की प्रक्रिया समय पर पूरी करने, सुरक्षा और टेक्नोलॉजी पर जोर देने, थाना क्षेत्रों के एंट्री-एग्जिट प्वाइंट पर सीसीटीवी और स्लाइडिंग बैरियर लगाने, ब्लैक फिल्म लगे वाहनों पर MV एक्ट के तहत कार्रवाई करने संवेदनशील स्थानों पर लाइटिंग और निगरानी व्यवस्था बढ़ाने आदि आदेश दिया है।
साफ संदेश: अपराध बर्दाश्त नहीं
डीआईजी अंजनी कुमार झा ने स्पष्ट किया कि संगठित अपराध किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों को जवाबदेही के साथ कार्रवाई करने और अपराधियों के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने का निर्देश दिया।


