देवघर: राजकीय श्रावणी मेला 2025 को तंबाकू व धूम्रपान मुक्त घोषित किये जाने के बावजूद मेला क्षेत्र में खुलेआम चिलम, गांजा और तंबाकू उत्पादों की बिक्री की जा रही है. प्रशासन की सख्ती और जिला प्रशासन के स्पष्ट आदेशों के बावजूद कई दुकानदार आदेश की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं. इससे मेला क्षेत्र की पवित्रता और आमजन की सेहत दोनों पर खतरा मंडरा रहा है.जानकारी के अनुसार, शिवगंगा के पास श्मशान घाट गेट से भुरभुरा जाने वाले रास्ते पर कई लोग दुकानें सजाकर चिलम और तंबाकू उत्पादों की खुलेआम बिक्री कर रहे हैं. दुकानदार गांजा को पॉकेट में छिपाकर रखते हैं और प्रत्येक पुड़िया 50 रुपये से लेकर 200 रुपये तक में बेची जा रही है. इन दुकानों पर अक्सर कांवरियों की भीड़ देखी जा सकती है.
वहीं, दुम्मा से कांवरिया पथ में भी जगह-जगह गांजा, चिलम और अन्य तंबाकू उत्पाद चोरी-छिपे बेचे जा रहे हैं. जबकि कुछ दुकानें तंबाकू उत्पाद खुलेआम टांगकर बेच रहे हैं. जबकि श्रावणी मेला को लेकर जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया था कि मेला क्षेत्र को गैर धूम्रपान क्षेत्र और तंबाकू मुक्त क्षेत्र घोषित किया गया है.
यह निर्णय कोटपा, 2003 के तहत लिया गया, जिसके अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान प्रतिबंधित है. आदेश में यह भी कहा गया था कि जो भी व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करेगा, उस पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी.


