देश-विदेश : देश की प्रमुख ब्रोकरेज फर्म ICICI सिक्योरिटीज ने Jio प्लेटफॉर्म लिमिटेड की इक्विटी वैल्यू को अपग्रेड कर 148 अरब अमेरिकी डॉलर (करीब 13,000 अरब रुपये) कर दिया है। वित्त वर्ष 2025 से 2028 के बीच कंपनी के EBITDA/PAT का CAGR 18-21 प्रतिशत रहने का अनुमान है। साथ ही, 2028 तक फ्री कैश फ्लो 558 अरब डॉलर पहुंच सकता है। रिपोर्ट में स्पेक्ट्रम कीमतों में गिरावट की संभावना जताई गई, जिससे जियो को फायदा होगा।
पिछले महीने जेपी मॉर्गन ने Jio की वैल्यू 136 अरब डॉलर (करीब 11,936 अरब रुपये) लगाई थी। ICICI ने इससे 12 अरब डॉलर (करीब 1,050 अरब रुपये) ज्यादा का अनुमान दिया है। हाल ही में रिलायंस की सालाना आम बैठक में मुकेश अंबानी ने 2026 की पहली छमाही में जियो का IPO लाने का ऐलान किया था, जिससे निवेशकों में उत्साह बढ़ा है।
ब्रोकरेज फर्म ने भारती एयरटेल को ‘बाय’ रेटिंग दी और टारगेट प्राइस 1,960 रुपये से बढ़ाकर 2,400 रुपये कर दिया। बेहतर विजिबिलिटी और मजबूत फाइनेंशियल स्ट्रक्चर को इसका कारण बताया गया।
ICICI सिक्योरिटीज के अनुसार, जियो नए क्षेत्रों जैसे कंटेंट, स्टोरेज, डिजिटल एंटरप्राइज सॉल्यूशन, MSME मैनेज्ड सर्विसेज और रिलायंस इंटेलिजेंस के AI डिप्लॉयमेंट पर फोकस कर रहा है। वित्त वर्ष 2025-28 में नॉन-कनेक्टिविटी बिजनेस का ग्रोथ रेट 46.7 प्रतिशत रहेगा। 5G रोलआउट और 6जी पेटेंट से भी फायदा होगा। 5G मार्केट में जियो का शेयर 66 प्रतिशत से ज्यादा है।
रिपोर्ट में भारतीय टेलीकॉम सेक्टर के वैल्यूएशन अपग्रेड के कारणों में बेहतर बिजनेस, मजबूत फाइनेंशियल स्ट्रक्चर, 5G पुश और कम डाउनग्रेड रिस्क शामिल हैं। कंपनियां फिक्स्ड ब्रॉडबैंड, वैल्यू-एडेड सर्विसेज, डेटा सेंटर, SaaS और मैनेज्ड सर्विसेज जैसे एंटरप्राइज ऑफरिंग बढ़ा रही हैं। यह अपग्रेड निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत है।


