Ranchi: देवों के देव महादेव का प्रिय माह सावन 11 जुलाई से शुरू हो रहा है. बस कुछ दिन शेष फिर सभी शिवालय भोले बाबा के जयकारों से गूंज उठेंगे. अगर आप रांची में रहते हैं तो इस सावन आपको रांची के प्रसिद्ध शिव मंदिरों में महादेव का आशीर्वाद लेने जरूर जाना चाहिए. रांची के इन सभी शिव मंदिरों की अद्भुत धार्मिक मान्यताएं हैं. कई मंदिर तो ऐसे हैं, जहां आज भी महादेव स्वयं भक्तों को आशीर्वाद देने आते हैं.
मरासिली पहाड़
राजधानी रांची से करीब 15 किलोमीटर दूर नामकुम क्षेत्र में उलातू गांव के समीप मरासिली पहाड़ है. पहाड़ पर ऊपर चढ़ने के लिए आपको पैदल चढ़ाई करनी होगी. यह पहाड़ 230 एकड़ में फैला हुआ एक चट्टान हैं, जिसके कोई भी खंड या टुकड़े नहीं हैं. पहाड़ की चोटी पर एक मंदिर स्थापित है, जो भगवान शिव को समर्पित है. यहां एक खूबसूरत जलकुंड है. इस जलकुंड की खास बात यह है कि चाहे कितने भी भीषण गर्मी क्यों ना हो यह कभी सूखता नहीं है. यहां पहाड़ों पर अक्सर सांप घूमते नजर आते हैं. मान्यता है कि महादेव स्वयं सांप के रूप में अपने भक्तों को दर्शन देते हैं. मरासिली पहाड़ पर्यटकों के लिए भी आकर्षक का केंद्र है.
कुर्तिया पहाड़
राजधानी रांची से करीब 15 किमी मीटर दूर मनातू में कुर्तिया पहाड़ है. यहां भी पहाड़ की चोटी पर एक मंदिर है. जहां भगवान शिव की आराधना होती है. इस मंदिर तक पहुंचने के लिए आपको चट्टान पर चढ़ाई करनी होगी. यहां जाने के लिए कोई सीढ़ी नहीं है. यहां चट्टानों के बीच गुफाओं में भी कई शिवलिंग स्थापित है. मंदिर से पहले एक बड़ा झील है, जो कि बेहद ही खूबसूरत है. शिव भक्त इसी झील में स्नान कर मंदिर पहुंचते हैं.
सुरेश्वर धाम मंदिर
राजधानी रांची के चुटिया में सुरेश्वर धाम मंदिर है. शहर के बीचों-बीच होने के कारण इस मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. खासकर सावन के महीने में यहां आस्था का जन सैलाब उमड़ता है. इस मंदिर में 108 फीट ऊंचा एक शिवलिंग स्थापित है, जो इस मंदिर को सबसे खास बनाता है.
पहाड़ी मंदिर
राजधानी रांची का पहाड़ी मंदिर सबसे प्राचीन और लोकप्रिय मंदिर है. इस मंदिर में सालों भर श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है. यह मंदिर पहाड़ी की चोटी पर स्थापित है. सावन और शिवरात्रि के दौरान यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है. मान्यता है कि इस मंदिर में भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है. आपको यह जानकर हैरानी होगी कि यह एक मात्र ऐसा मंदिर है जहां स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है.


