रामगढ़। छोटे कद के एक बाबू जंगल को देखते देखते हाईवे पर मंडराने लगे हैं। इन्हे हाइवे पर खूब मजा आ रहा है। यह बाबू जंगल की व्यवस्था को छोड़ हाईवे पर अवैध वसूली में मशहूर हो गए हैं। लगातार अवैध कोयला लदी गाड़ियों को पकड़ने के फिराक में रहते हैं।
जब्त करने के बजाय, वसूली पर है ज्यादा फोकस
जंगल वाले छोटे कद के खिलाड़ी का मंशा कभी भी गाड़ी को पकड़कर केश करने की नहीं होती है। क्योंकि केश करने से उन्हें कुछ हासिल होने वाला नहीं है। इसलिए इन्हें अवैध वसूली का चस्का लग गया है।
एक सप्ताह में वसूले लाखों रूपये
पिछले एक सप्ताह के अंदर करीब आधा दर्जन वाहन को पकड़ कर मोटी रकम की वसूली हो चुकी है। जिसके कारण उन्हें जंगलों की व्यवस्था में कोई दिलचस्पी नहीं रहा है। क्योंकि चंद घंटे की मेहनत से उन्हें लाखों रुपए का नजराना मिल जाता है। यह अधिकारी वसूली का अड्डा नया मोड़ का मुख्य चौराहा को बनाया है।
रात 12 बजे के बाद बिछाते है जाल, इसके बाद करते है शिकार
जंगल वाले बाबू रात के 12 बजे के बाद एक वाहन पर सवार होकर शिकार करने निकलते है। इस दौरान अवैध कोयला लदे ट्रेलर को पकड़ने के जुगाड़ में लग जाते है. पहले तो वे उन वाहनों को छोड़ देते हैं, जिनके मालिक इनके संपर्क में रहते है। वैसे गाड़ियों को पकड़ते हैं जो इनके संपर्क में नहीं रहते हैं, इसके बाद शुरू होता है इनका अवैध वसूली का धंधा।
रात गई बात गई वाली नीति पर चल रहे जंगल वाले राजा जी?
रात गई बात गई वाली नीति पर चलकर जंगल वाले राजा जी खूब मलाई काट रहे है। कोयला तस्कर भी मुंह मांगी रकम देकर रात की बात को सलटाने में ही भलाई समझ रहे है।जिसका फायदा जंगल वाले बाबू जमकर उठा रहे हैं।
पूछने पर बोलते है, एक्स्ट्रा कमाई नहीं होगा तो कैसे चलेगा?
उनसे तो पूछा भी गया तो कहते हैं कि नीचे से ऊपर खर्च का दायरा बढ़ा हुआ है। एक्स्ट्रा वसूली नहीं होगा तो मैं अपना तनख्वाह से उपर कैसे मैनेज करूंगा। अब इनके जबाव से लगता है कि उन्हें वसूली का लाइसेंस मिला हुआ है। खैर ये सब बहुत दिन चलने वाला नहीं है। इस वसूलीबाज बाबू का पर्दाफाश बहुत जल्द खबर बोल पर किया जायेगा।


