Ranchi : CID झारखंड ने NAFIS (नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम) के काम में हो रही लापरवाही को गंभीरता से लिया है। CID ने राज्य के सभी एसएसपी और एसपी (रेल सहित) को पत्र भेजकर निर्देश दिया है कि वे अपने जिले की NAFIS शाखा में वर्तमान में तैनात पुलिस पदाधिकारियों और पुलिसकर्मियों की अद्यतन सूची तीन दिनों के भीतर उपलब्ध कराएं। CID के अनुसार, लगातार यह देखा जा रहा है कि जिलों की NAFIS शाखा में जिन पुलिसकर्मियों के नाम दर्ज हैं, वे कई बार स्थानांतरित हो चुके होते हैं या अन्य कार्यों में प्रतिनियुक्त रहते हैं। इसकी सूचना न तो अंगुलांक ब्यूरो को दी जाती है और न ही CID कार्यालय को। जब अंगुलांक ब्यूरो की ओर से फोन किया जाता है, तो संबंधित कर्मी खुद को दूसरी जगह पदस्थापित बताते हैं। इससे NAFIS से जुड़ा काम प्रभावित हो रहा है।
विभाग ने बताया कि NAFIS में गिरफ्तार अभियुक्तों के फिंगरप्रिंट अपलोड करने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को यूजर आईडी व पासवर्ड दिया गया है। इन्हीं के जरिए सिस्टम में लॉगिन कर फिंगरप्रिंट का अपलोड और एनरोलमेंट किया जाता है। लेकिन प्रशिक्षित कर्मियों के स्थानांतरण या अन्य ड्यूटी में लगाए जाने के कारण कई जिलों में यह काम बाधित हो रहा है।
CID ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस संबंध में 24 नवंबर 2025 को पहले ही दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं, बावजूद इसके जिलों की ओर से नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। अब एक बार फिर सभी जिलों को निर्देश दिया गया है कि वे NAFIS शाखा में कार्यरत कर्मियों की सही जानकारी तय प्रपत्र में भेजें और पुराने निर्देशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करें। CID का कहना है कि NAFIS एक अहम राष्ट्रीय प्रणाली है, जो अपराधियों की पहचान और आपराधिक मामलों की जांच में बड़ी भूमिका निभाती है। इसमें किसी भी तरह की ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


