रामगढ़। जिले में अवैध कोयला तस्करी अब एक संगठित और सुनियोजित नेटवर्क के रूप में उभर चुकी है। हालात ऐसे हैं कि यह काला कारोबार खुलेआम चल रहा है और स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि कुछ पावर प्लांट इस पूरे खेल के “खेवनहार” बन चुके हैं।
तीन जिलों से रामगढ़ तक—अवैध कोयले की सप्लाई चेन
सूत्रों के अनुसार, अवैध कोयले की बड़ी खेप नियमित रूप से चतरा, हजारीबाग और बोकारो से रामगढ़ पहुंच रही है। खदान क्षेत्रों से सस्ते में कोयला उठाया जाता है। ग्रामीण और साइड रूट का इस्तेमाल कर ट्रांसपोर्ट अंततः रामगढ़ के आसपास स्थित औद्योगिक इकाइयों/प्लांट तक सप्लाई।
यह पूरी चेन इतनी व्यवस्थित है कि हर स्तर पर अलग-अलग लोगों की जिम्मेदारी तय रहती है।
सिंडिकेट का मजबूत नेटवर्क
इस तस्करी के पीछे एक बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है। जिसमें स्थानीय एजेंट, ट्रांसपोर्टर, लोडिंग-अनलोडिंग कर्मी
और कथित रूप से कुछ प्रभावशाली लोग
शामिल बताए जाते हैं। यह “खिलाड़ियों की फौज” मिलकर पूरे ऑपरेशन को अंजाम देती है, जिससे यह कारोबार बिना बाधा के चलता रहता है।
पावर प्लांट की भूमिका पर सवाल
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा जोरों पर है कि कुछ पावर प्लांट इस अवैध कोयले के प्रमुख खरीदार बन गए हैं। हाईवा और ट्रेलर के जरिए बड़े पैमाने पर कोयला प्लांट तक पहुंचाया जाता है। गेट एंट्री और चेकिंग प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। बिना वैध कागजात के भी गाड़ियों के प्रवेश की आशंका अगर यह आरोप सही हैं, तो यह मामला केवल तस्करी नहीं बल्कि बड़े स्तर की मिलीभगत की ओर इशारा करता है।
पुलिस की नजरों से कैसे बच रहा है यह खेल?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में अवैध कोयला सड़कों पर कैसे घूम रहा है, जबकि पुलिस की गश्ती गाड़ियां लगातार सड़कों पर मौजूद रहती हैं। चेकिंग प्वाइंट भी स्थापित हैं। इसके बावजूद, हाईवा और ट्रेलर पर लदा अवैध कोयला “नजरों से ओझल” बना रहता है। इससे सिस्टम की कार्यप्रणाली और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पर्यावरण और राजस्व पर दोहरी मार
इस अवैध कारोबार का असर कई स्तरों पर दिख रहा है। सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान, अवैध खनन से पर्यावरण को भारी क्षति, ओवरलोडेड वाहनों से सड़कों की हालत खराब, स्थानीय लोग भी इस पूरे मामले को लेकर चिंता और आक्रोश जता रहे हैं।
कार्रवाई की मांग तेज
क्षेत्र के सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे नेटवर्क की उच्चस्तरीय जांच हो, पावर प्लांट की भूमिका की निष्पक्ष जांच की जाए। दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


