Ranchi : मनरेगा योजना का नाम बदलकर ‘विकसित भारत जी राम जी’ किए जाने के विरोध में प्रदेश कांग्रेस ने रांची में जोरदार प्रदर्शन किया। इसको लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजधानी में ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ के तहत रैली और पदयात्रा निकाली।
रैली की शुरुआत मोरहाबादी मैदान स्थित बापू वाटिका में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास हुई, जहां प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को मनरेगा बचाने का संकल्प दिलाया। इसके बाद सभी नेता और कार्यकर्ता पदयात्रा करते हुए लोकभवन पहुंचे, जहां यह पदयात्रा सभा में बदल गई।
सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार आम जनता के अधिकार लगातार छीन रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा की जगह नई योजना लाकर रोजगार का अधिकार कमजोर किया गया है।
झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि 125 दिन रोजगार देने की बात केवल दावा है, जबकि मनरेगा के तहत भी मजदूरों को मुश्किल से 50–60 दिन का ही काम मिल पाता है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू ने नई योजना की खामियों को सामने रखा।
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि देश में 12 करोड़ से ज्यादा पंजीकृत मजदूर हैं और कम बजट में उन्हें 125 दिन रोजगार देना संभव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह योजना भाजपा की सोची-समझी रणनीति है।
लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलना ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर हमला है। मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने आशंका जताई कि इस बदलाव से पलायन बढ़ेगा। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता ज्यां द्रेज भी शामिल हुए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि रोजगार गारंटी को कमजोर कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा भगवान श्रीराम के नाम का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है।
इस आंदोलन में कांग्रेस के कई मंत्री, विधायक, पूर्व सांसद और पार्टी पदाधिकारी शामिल हुए।


