जैसलमेर-..जोधपुर हाईवे पर एक एसी स्लीपर बस में भीषण आग लगने से 20 यात्रियों की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि कई शव बस की बॉडी से चिपक गए और कुछ कोयले जैसे हो गए। मरने वालों में एक पत्रकार राजेंद्र चौहान और एक ही परिवार के 5 सदस्य शामिल हैं।
डीएनए सैंपलिंग शुरू
शवों की पहचान के लिए जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल और जैसलमेर के जवाहिर अस्पताल में व्यवस्था की गई है। मृतकों के परिवारों के दो सदस्यों के डीएनए सैंपल लिए जा रहे हैं। मंगलवार रात 19 शव जैसलमेर से जोधपुर लाए गए, जिनमें एक पोटली में सिर्फ हड्डियां थीं। एक शव पहले से जोधपुर में था।
हादसे का कारण
शुरुआत में शॉर्ट सर्किट या एसी कंप्रेशर फटने की बात कही गई, लेकिन लोकल लोगों का दावा है कि बस की डिग्गी में पटाखे थे, जिससे आग भड़की। मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने बताया कि पीछे धमाका हुआ, गैस-डीजल मिलकर आग लगी। बस में सिर्फ एक दरवाजा था, इसलिए कई लोग फंस गए। आर्मी की मदद से शव निकाले गए।
15 लोग 70% तक झुलस गए। इनमें बच्चे और एक प्री-वेडिंग शूट कर लौट रहा कपल शामिल है। कई यात्रियों ने कूदकर जान बचाई। घायलों को ग्रीन कॉरिडोर से जोधपुर भेजा गया, जहां डॉक्टरों की टीम इलाज कर रही है।
पीएम मोदी ने मृतकों के परिवार को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता घोषित की। सीएम भजनलाल शर्मा ने घटनास्थल और जली बस का मुआयना किया। जांच जारी है। परिवारों का दर्द देखकर हर कोई व्यथित है।


