गोड्डा : गोड्डा जिले के महागामा थाना क्षेत्र के शीतल गांव से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आयी है. यहां गांव के पानी सप्लाई टंकी के पास एक टियागो कार अनियंत्रित होकर गहरे गड्ढे में जा गिरी. इस दर्दनाक हादसे में कार में सवार सभी लोगों की मौत हो गयी. जानकारी के अनुसार कार में चालक और दो महिलाएं सवार थीं. सभी महागामा के रहने वाले थे.
कहलगांव से महागामा आ रही थी कार
सोमवार को हुए इस सड़क हादसे में पति-पत्नी समेत 3 लोगों की मौत हो गयी. दिग्घी-महागामा मुख्य मार्ग पर शीतल गांव के समीप कहलगांव से महागामा आ रही कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरी खाई में गिर गयी. हादसा इतना भीषण था कि कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गयी. देखते ही देखते लोगों की भीड़ जमा हो गयी. लोगों ने पुलिस को दुर्घटना की सूचना दी.
उर्जानगर के रहने वाले थे सभी मृतक
मृतकों की पहचान उर्जानगर निवासी योगेंद्र यादव (कृष्णा मिष्ठान्न भंडार के मालिक), उनकी पत्नी बिंदेश्वरी देवी और पड़ोसी महिला कौशल्या देवी (पति विभीषण सिंह) के रूप में हुई है. दुर्गा पूजा पर कलश स्थापना करना था. गंगा में पवित्र स्नान करके लौट रहे थे. इसी दौरान हादसा हो गया.
कलश स्थापना से पहले गंगा स्नान करने गये थे
तीनों दुर्गा पूजा के लिए कलश स्थापना से पहले सुबह कहलगांव गंगा स्नान करने गये थे. गंगा स्नान कर घर लौटने के क्रम में गाड़ी चला रहे योगेंद्र यादव संतुलन खो बैठे और कार गड्ढे में जा गिरी. गढ्ढे में पानी भरा था. सूचना मिलते ही महागामा एसडीपीओ चंद्रशेखर आजाद, थाना प्रभारी शिवदयाल सिंह और हनवारा थाना प्रभारी राजन कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे.
जेसीबी मशीन से कार को खाई से बाहर निकाला गया
जेसीबी मशीन से कार को खाई से बाहर निकाला गया. कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शवों को महागामा ले जाया गया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क किनारे सुरक्षा बैरिकेडिंग नहीं थी, जिसकी वजह से कार सीधे खाई में जा गिरी. ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग पर पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं.
एक साथ 3 लोगों की मौत से गांव में शोक की लहर
घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गयी है. सामाजिक और मिलनसार स्वभाव के योगेंद्र यादव और उनके परिवार की ऐसी मौत से हर कोई स्तब्ध है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मृतक परिवार को उचित मुआवजा दिया जाये और सड़क किनारे सुरक्षा-व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटना फिर न हो.
ग्रामीण बोले- बैरिकेडिंग होती, तो न होती इतनी बड़ी दुर्घटना
ग्रामीणों ने कहा कि यदि प्रशासन और निर्माण एजेंसी ने समय रहते सुरक्षा उपाय किये होते, तो ये तीन जिंदगियां नहीं जातीं. हादसे ने न केवल 2 परिवारों को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है.


