छत्तीसगढ़…छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के बालाझार गांव से एक अजीबो-गंभीर मामला सामने आया है। यहां हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत के बाद मुआवजे को लेकर ऐसा बवाल मचा कि पूरा गांव बीवी नंबर 1 की खोज में उलझ गया। 26 जुलाई को सालिक राम टोप्पो जंगल की ओर गए थे, तभी एक जंगली हाथी ने उन पर हमला कर दिया और उनकी मौत हो गई। सरकार ने पीड़ित परिवार को 6 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया लेकिन पैसे की खबर आते ही सालिक राम की जिंदगी की परतें खुलने लगीं। अब तक छह महिलाएं खुद को उनकी पत्नी बता चुकी हैं। सुगंदी बाई, बुधियारो बाई, संगीता बाई, शिला बाई, अनीता बाई और मीना बाई। सबका दावा एक ही सालिक राम हमारे पति थे इनमें से दो ने पंचायत के प्रमाणपत्र भी पेश किए हैं, जबकि बाकी महिलाएं अपने रिश्ते की कहानियां और तर्क सुना रही हैं। मृतक के बेटे भागवत टोप्पो का कहना है, मेरी असली मां सुगंदी बाई तो बचपन में छोड़ गई थीं, मैं तो पापा और सौतेली मां बुधियारो बाई के साथ ही बड़ा हुआ। वहीं बुधियारो बाई का दावा है कि वो 20 साल से सालिक राम के साथ रह रही थीं और मौत के समय भी वही साथ थीं।वन विभाग के रेंजर कृपासिंधु पैंकरा ने बताया कि जो दावे पंचायत द्वारा प्रमाणित होंगे, वही मान्य होंगे। फिलहाल पंचायत ने बुधियारो बाई और उनके बेटे भागवत के नाम पर पंचनामा बनाकर भेजा है। अब वन विभाग और पंचायत की जांच के बाद ही तय हो पाएगा कि मुआवजे की रकम किसे मिलेगी।
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉
Join Now


