सीसीएल प्रबंधन का आरोप बेबुनियाद , पूरा मामला सत्य से परे: एसपी
प्रेस बयान में रामगढ़ पुलिस ने लिखा है कि विभिन्न समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित की जा रही है कि रजरप्पा प्रक्षेत्र के सीसीएल के जीएम कल्याणजी प्रसाद के नेतृत्व में एक टीम ने सोमवार 18 अगस्त की रात अवैध कोयला लदा पांच हाईवा पकड़ा। जीएम के नेतृत्व में सीसीएल के अधिकारी और कर्मचारी अवैध कोयला तस्करों पर कार्रवाई कर रहे थे, इस दौरान काले रंग का महिंद्रा थार (वाहन सं0-0013) पर सवार लोगों ने छापेमारी टीम पर हमला किया, जिस वाहन पर छापामारी टीम सवार थे। उक्त वाहन (Toyota Glanza, No JH01DN-3303) का शीशा तोड़ डाला और हाईवा को भगाकर ले गये।
जीएम ने लगाया बेबुनियाद आरोप
महाप्रबंधक द्वारा रजरप्पा थाना पर निम्न बेबुनियाद आरोप लगाया गया है। जिसमें कहा है कि रजरप्पा थाना पुलिस को सूचना देने के बावजूद रात में कोई नहीं पहुंचा, प्राथमिकी दर्ज करने में आना-कानी करने का आरोप लगाया। रजरप्पा थाना पुलिस का तस्करों को सहयोग की बात कहीं गई एवं रजरप्पा थाना के कुछ कर्मियों द्वारा इन्हें धमकाया जा रहा है जैसा आरोप लगाया गया है जो सत्य से परे है।
एसपी ने पूरे प्रकरण की कराई जांच, एसडीपीओ के जाँच में सामने आए तथ्य
पुलिस अधीक्षक, रामगढ़ के द्वारा परमेश्वर प्रसाद, अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, रामगढ को उक्त मामले की जाँच कर जाँच प्रतिवेदन समर्पित करने हेतु निर्देशित किया गया है। अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, रामगढ़ के द्वारा जाँच के क्रम में मुख्य रूप से निम्न बातें प्रकाश में आई है। जाँच में पाया कि रजरप्पा थाना के द्वारा प्रत्येक दिन रात्रि गश्ती में जाने वाले पुलिस पदाधिकारी का नाम एवं मोबाईल नं० सी०सी०एल० के क्षेत्रिय सुरक्षा पदाधिकारी श्री श्याम सुन्दर रवानी को व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है। घटना के दिन भी रात्रि गश्ती में प्रतिनियुक्त पुलिस पदाधिकारी का नाम एवं मोबाईल नं० सी०सी०एल० रजरप्पा के क्षेत्रीय सुरक्षा पदाधिकारी श्याम सुन्दर रवानी को व्हाट्सएप में भेजा गया था परन्तु उनके द्वारा अवैध कोयला के छापामारी करने के पूर्व या बाद में कोई भी सूचना गश्ती में प्रतिनियुक्त पुलिस पदाधिकारी को नहीं दिया गया। यद्यपि सी०सी०एल० प्रबंधन के पास संसाधानों की कमी नहीं है फिर भी कोयला लदा वाहन पकड़े जाने के बाद वाहन को रजरप्पा थाना या सुरक्षित स्थान पर न ही ले जाया गया और न ही सुरक्षा गार्ड की तैनाती की गई। इस संबंध में गश्ती में प्रतिनियुक्त पुलिस पदाधिकारी या किसी भी वरीय पुलिस पदाधिकारी को इसकी कोई भी सूचना नहीं दी गई केवल मीडिया के माध्यम से लोगों को दिग्भ्रमित करने का कार्य किया गया है। कथित अवैध कोयला डीपों के बारे में सी०सी०एल० प्रबंधन के द्वारा ही बताया गया कि वन क्षेत्र अन्तर्गत पड़ता है परन्तु इसकी सूचना वन विभाग को ससमय नहीं दिया गया। वन विभाग को सूचना 19 अगस्त को विलम्ब से दिया गया। श्याम सुन्दर रवानी, क्षेत्रीय सुरक्षा प्रभारी के द्वारा रजरप्पा थाना पुलिस को लिखित में सूचना काफी विलम्ब से दिया गया, तत्पश्चात् पु०नि०-सह-थाना प्रभारी, रजरप्पा के द्वारा काण्ड दर्ज कर अनुसंधान एवं छापामारी किया जा रहा है। विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित किया गया है कि 03 हाइवा को पकड़कर रखा गया है किन्तु प्राथमिकी दर्ज के समय जप्त प्रदर्श के तौर पर कोई भी हाइवा रजरप्पा थाना को सुपुर्द नहीं किया गया है, जो सी०सी०एल० के कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है कि वह जप्त 03 हाइवा वाहन सी०सी०एल० के द्वारा कैसे छोड़ा गया।


