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Home»#Trending»समस्तीपुर में आम उत्पादन परम्परागत रूप से बहुत पहले से ही किया जाता रहा है: डॉ आर के तिवारी
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समस्तीपुर में आम उत्पादन परम्परागत रूप से बहुत पहले से ही किया जाता रहा है: डॉ आर के तिवारी

adminBy adminJune 26, 20252 Mins Read
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समस्तीपुर: डॉ राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केन्द्र बिरौली के द्वारा आम उत्पादकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन आम उत्पादन की उन्नत पद्धति विषय पर आयोजित किया गया.

कार्यक्रम का शुभारंभ कृषि विज्ञान केन्द्र बिरौली के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ आरके तिवारी तथा सहायक निदेशक उद्यान प्रशांत कुमार के द्वारा किया गया. डॉ तिवारी ने मौके पर कहा कि समस्तीपुर में आम उत्पादन परम्परागत रूप से बहुत पहले से ही किया जाता रहा है. किसानों को आधुनिक तरीके से बाग प्रबंधन करते हुए अधिक आय प्राप्त किया जा सकता है.

सहायक निदेशक उद्यान ने उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि आम उत्पादक किसान पैक हाउस योजना का लाभ ले सकते हैं. प्रशिक्षण के दौरान उद्यानिकी विशेषज्ञ डॉ धीरु कुमार तिवारी ने विस्तार पूर्वक आम के बाग में छत्रक प्रबंधन, पोषक तत्व प्रबंधन तथा बाग की मिट्टी का स्वास्थ्य प्रबंधन पर चर्चा किया.

डॉ धीरु ने कहा कि आम के फल की तुड़ाई हो जाने के पश्चात पेड़ की बीच वाली ऊपरी टहनी को काटकर हटा देना चाहिए जिससे कि छत्रक खुल जाए. ऐसा करने से सूर्य की रौशनी तथा हवा का संचार पूरे पेड़ में होने लगता है. सूखी हुई या रोगग्रस्त तथा अधिक घनी टहनियों की भी कटाई छंटाई करनी चाहिए. फसल सुरक्षा विशेषज्ञ सुमित कुमार सिंह ने आम में लगने वाली बिमारियों एवं कीटों के नियंत्रण हेतु समेकित कीट एवं रोग प्रबंधन के बारे में जानकारी दी.

डॉ राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के कृषि व्यवसाय एवं प्रबंधन के सहायक प्राध्यापक डॉ रमनदीप सिंह ने आम की फसल से अच्छी आमदनी लेने हेतु रणनीतियों के बारे में चर्चा किया. उन्होंने बताया कि आम उत्पादक किसान समूह बनाकर अपनी उपज का विपणन कर सकते हैं जिससे उन्हें अधिक लाभ मिल सकता है.

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान छत्रक प्रबंधन तथा पोषक तत्व प्रबंधन के बारे में प्रायोगिक रुप से भी जानकारी दी गई. इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से विपिन सिंह, अमर नाथ सिंह, प्रदीप महतो इत्यादि उपस्थित रहे.

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