रांची: करमटोली चौक से मोराबादी होते हुए सांइस सिटी तक 2.2 किलीमीटर लंबा फ्लाईओवर आधुनिक तकनीक से बनाया जायेगा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विगत दिनों इस फ्लाईओवर निर्माण की मंजूरी भी दे दी है. इस फ्लाई ओवर की चौड़ाई उपर 10 मीटर एवं नीचे सड़क की भी चौड़ाई 10 मीटर होगी. यानि पुल के साथ-साथ नीचे की सड़क भी चौड़ी बनायी जायेगी, इसके लिए कुछ जमीन का भी अधिग्रहण किया जायेगा. इंजीनियरों ने बताया कि सबसे अधिक समस्या अंतु चौक के पास आ रही हैं, जहां अक्सर जाम की स्थिति रहती है. ऐसे में इस फ्लाईओवर का बनाने के लिए पोर्टल फ्रेम तकनीक का इस्तेमाल करने पर विचार चल रहा है. पोर्टल फ्रेम तकनीक में दो पीयर लगाये जाते हैं, अन्य तकनीक में एक पीयर का उपयोग किया जाता है. पुल के मुख्य स्पैन निर्माण के लिए किया जायेगा. इस तकनीक से व्यस्त इलाके में पुल बनाना आसान होगा. आम तौर पर पारंपरिक संरचनाओं की तुलना में कम सामग्री का उपयोग किया जायेगा, जिससे निर्माण लागत कम आयेगी. भारी यातायात और अन्य भारों का सामना करने में यह सक्षम भी होती है. सरकार से सहमति मिलने के बाद कंसलटेंट के जरिये जियो टेक्नोलॉजी स्टड़ी आरंभ किया जा रहा है. इस पूरे क्षेत्र का एनालिसस किया जायेगा. बारिक से सड़क के दोनों किनारे मकान- दुकान का अध्ययन किया जायेगा.
साइंस सिटी से रिंग रोड तक फोरलेन रोड भी, 30 सालों तक ट्रैफिक समस्या होगी दूर
पथ निर्माण विभाग ने करमटोली चौक से सांइस सिटी चिरौंजी तक फोरलेन फ्लाईओवर के साथ-साथ साइंस सिटी के आगे दाहिने ओर से रिंग रोड जोड़ने की मंजूरी भी दी गयी है. करीब पांच किमी यह रोड फोरलेन बनेगा. इंजीनियरों ने बताया कि यह पूरा इलाका ग्रीनफील्ड है. इस फोरलेन रोड के बनने से आगमी 30 सालों तक यातायात समस्या का निदान हो जायेगा. जल्द ही डीपीआर की सारी कार्यवाही पूरी करके प्रशासनिक मंजूरी ली जायेगी. इसके बाद टेँडर इत्यादि करके काम प्रारंभ कराया जायेगा. बता दें कि, रांची के करमटोली चौक सहित अन्य क्षेत्रों से बड़े पैमाने पर वाहनों का आवागमन सांइस सिटी होते हुए किया जाता है. यह सड़क बोड़ैया होते हुए ओरमांझी भी निकलती है. वहीं, साइंस सिटी से रिंग रोड तक नयी ग्रीनफील्ड रोड बनने से विकास, ओरमांझी जाने के लिए एक बेहतर विकल्प मिल जायेगा.


