रामगढ़। जिले में कोयला तस्करों के बाद अब बालू और पत्थर तस्करी करने वालों पर गाज गिरेगी। जिला प्रशासन ने तस्करों के खिलाफ चौतरफा कार्रवाई करने के लिए कमर कस लिया है। डीसी फ़ैज अक अहमद मुमताज ने बालू और पत्थर की तस्करी करने वालों पर कार्रवाई के लिए सभी अंचल अधिकारी और सभी थाना प्रभारी को खुली छूट दे दी है। अब खनन विभाग के अलावा अंचल अधिकारी और थाना प्रभारी भी सीधे गाड़ियों की जांच कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर उसे जप्त कर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर सकते हैं। अंचल अधिकारी और थाना प्रभारी को बालू और पत्थर तस्करों पर कार्रवाई करने के लिए खनन विभाग को पत्र लिखने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सभी अधिकारियों को दिया गया निर्देश
डीसी फ़ैज अक अहमद मुमताज ने सभी अधिकारियों को कार्रवाई करने को लेकर निर्देश जारी किया है। डीसी ने बताया कि सभी अंचल अधिकारी, अपने क्षेत्र में किसी भी स्थान पर ट्रक व अन्य वाहन को रोकने, जांच करने, तलाशी लेने और उसमें ले जाए जा रहे खनिजों, अयस्कों को सत्यापित करने और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें जप्त करने हेतु प्राधिकृत हैं। लघु खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के मामलों में प्रयुक्त औजार, सयंत्र एवं वाहन के साथ लघु खनिजों को जब्त करने, नियमों का उल्लघंन करने वाले के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए भी प्राधिकृत हैं।
कार्रवाई करने को लेकर नहीं जरूरी है खनन विभाग से पत्राचार
डीसी फ़ैज अक अहमद मुमताज ने बताया कि ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां अंचल अधिकारी और थाना प्रभारी द्वारा बालू और पत्थर माफिया पर कार्रवाई के लिए खनन विभाग को पत्र लिखा जा रहा है। उक्त परिस्थिति में अनावश्यक विलम्ब होता है। जिसके कारण की जाने वाली कार्रवाई पर प्रतिकूल असर भी पड़ता है। साथ ही अन्य सक्षम पदाधिकारी द्वारा अग्रसारित मामलों में कार्रवाई किये जाने से बीएनएस की धारा 105 एवं 185 का अनुपालन किया जाना संभव नहीं है। भविष्य में अभियोजन पक्ष के कमजोर होने की पूर्ण सम्भावना बनी रहती है।


