रांची-झारखंड के स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने बेटे कृष अंसारी के वायरल वीडियो पर अपना पक्ष रखा है. उन्होंने कहा है कि सच्चाई को समझें. उनके बेटे कृष को गलत तरीके से घसीटा जा रहा है. कृष अंसारी को लेकर जो बातें फैलायी जा रही हैं, वो निराधार, भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण हैं. उन्होंने कहा है कि कृष अंसारी किसी निरीक्षण या नेतागिरी के लिए रिम्स नहीं गया था. वह तो अपने शिक्षक आदित्य कुमार झा के पिता को देखने रिम्स गया था. पापा, लोगों की मदद करना क्या गुनाह है? बेटे के इस सवाल पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी का दर्द छलका.
आदिवासी परिवार के आग्रह पर कृष गया था रिम्स
मंत्री ने कहा कि बीती रात कुछ आदिवासी परिवार उनके आवास पर सहायता के लिए पहुंचा था जो रिम्स में अपने परिजन के इलाज को लेकर बेहद परेशान था. उनके आग्रह पर ही कृष वहां गया और किसी की तकलीफ कम करने की कोशिश करने लगा. कृष ने यथासंभव उनकी मदद भी की, लेकिन इस घटना को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है.
बेटे का वायरल वीडियो निराधार-स्वास्थ्य मंत्री
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी का 19 वर्षीय पुत्र कृष अंसारी रांची के सरकारी अस्पतालों का निरीक्षण कर रहा है. उसके साथ कुछ दोस्त भी हैं, जो मरीजों से कृष का परिचय कराते हैं कि ये स्वास्थ्य मंत्री के बड़े बेटे हैं. कोई तकलीफ हो तो बताइए. कृष ने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट भी किया है. इसी वायरल वीडियो पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी का बयान आया है. उन्होंने इसे निराधार और भ्रामक बताया है.


