सात दिनों की योग साधना ने बढ़ाया आत्मबल, प्रशिक्षक एकता दांगी ने दिया प्रेरक संदेश
रजरप्पा। चितरपुर स्थित राजकीय बुनियादी विद्यालय के प्रांगण में पतंजलि महिला मोर्चा द्वारा आयोजित सात दिवसीय योग शिविर का समापन शुक्रवार को हवन-यज्ञ के साथ आध्यात्मिक वातावरण में हुआ। पूरे सप्ताह योग अभ्यास में शामिल बड़ी संख्या में महिलाओं ने मंत्रोच्चारण और आहुतियों के साथ हवन में भाग लिया। समापन समारोह के दौरान वातावरण सकारात्मक ऊर्जा और शांति से भर गया। योग प्रशिक्षक एकता दांगी ने महिलाओं को योग, अनुशासन और आंतरिक शक्ति पर केंद्रित प्रेरक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि योग सिर्फ व्यायाम नहीं, यह जीवन को नयी दिशा देने वाला विज्ञान है। सात दिनों का यह अभ्यास केवल शुरुआत है। यदि आप इसे प्रतिदिन की आदत बना लें, तो शरीर, मन और आत्मा तीनों में संतुलन स्वतः स्थापित हो जायेगा। उन्होंने महिलाओं को प्राणायाम, भ्रामरी, अनुलोम-विलोम, सूर्य नमस्कार सहित कई आसनों का पुनः अभ्यास कराते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास तनाव, थकान, अनिद्रा और कई शारीरिक समस्याओं से राहत दिलाता है। शिविर के दौरान महिलाओं ने प्रतिदिन नये आसन, ध्यान तकनीक, श्वसन क्रियाएं और स्वस्थ जीवनशैली के सूत्र सीखें। प्रतिभागियों ने कहा कि इस शिविर ने उन्हें शारीरिक रूप से सक्षम, मानसिक रूप से शांत और भावनात्मक रूप से मजबूत बनाया है. कई महिलाओं ने योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लिया। मौके पर अमृता चंद्रा, रीना देवी, लक्ष्मी कुमारी, अनिता देवी, ज्ञानी देवी, मालती देवी, संगीता देवी, लवली दागी, पूनम कुमारी, प्रणिता देवी, सरोज देवी, गायत्री देवी, सुनीता देवी, पुष्पा देवी सहित कई मौजूद थी।


