धनबाद ।वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार सोमवार को अपने कार्यालय सभागार में स्कूली बच्चों से मुख़ातिब हुए। सिंबायोसिस पब्लिक स्कूल, बरवाअड्डा और गुरु गोबिंद सिंह पब्लिक स्कूल, बैंक मोड़ के कई छात्र छात्राएं एसएसपी से मिलने पहुंची।
शिक्षा को बढ़ावा देने और बच्चों का हौसला बढ़ाने के लिए शिक्षक की भूमिका में आए एसएसपी प्रभात कुमार
शिक्षा को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों को प्रेरित करने के उद्देश्य से एसएसपी ने बच्चों को पढाई के प्रति जागरूक किया एवं विभिन्न विषयों की जानकारी एवं भविष्य एवं वर्तमान में उपयोगिता और कैरियर संबंधी मार्गदर्शन दिया गया। एसएसपी ने अपने जीवन के अनुभव जो बच्चों के लिए प्रेरणादायी हो उन्हें बच्चों से साझा किया और बच्चों को कुसंगति से दूर रहने एवं अच्छे संस्कारों को ग्रहण करने की सलाह दी।
वरीय पुलिस अधीक्षक महोदय ने शिक्षक की भूमिका निभाते हुए छात्रों से परिचय प्राप्त करते हुए विभिन्न विषयों पर प्रेरणादायी संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी रुचि व लक्ष्यों पर चर्चा करते हुए, उन्हें अनुशासन, परिश्रम और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
छात्रा ने भारतीय पुलिस सेवा में जाने के सपने को साझा किया
इस अवसर पर एक छात्रा ने भारतीय पुलिस सेवा में जाने के सपने को साझा किया, जिस पर वरीय पुलिस अधीक्षक ने छात्रा को यूपीएससी परीक्षा की विस्तृत जानकारी दी और सफलता प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण टिप्स प्रदान किए। कार्यक्रम के दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक ने विद्यार्थियों को कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जो बच्चों को एक उज्जवल भविष्य की ओर ले जाती है और उन्हें समाज में एक सशक्त पहचान दिलाती है।
इंटरनेट के इस्तेमाल की जगह किताबों को अधिक महत्व
पठन पाठन के लिए ऑनलाइन इंटरनेट के इस्तेमाल की जगह किताबों को अधिक महत्व देने की बात कहते हुए उन्होंने बच्चों को सोशल मीडिया से दूर करने को कहा। जीवन में सफलता हासिल करने और एक नया कीर्तिमान स्थापित करने के लिए उन्होंने बच्चों को प्रतिदिन लक्ष्य निर्धारित करते हुए निरंतर आगे बढ़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विधार्थियों के लिए परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करना काफी नही है बल्कि सही तरीके से शिक्षा को आत्मसार्थ करने पर ही कामयाबी हासिल की जा सकती है। जीवन में सफलता का असली मतलब ही समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए खुद को समर्पित करना होता है। उन्होंने सफलता और असफलता की चिंता से मुक्त होकर बच्चों को अपने लक्ष्य के प्रति प्रयासरत रहने को कहा।



