वॉलीबॉल के झगड़े में निकल गया पिस्टल, पांडे गिरोह के शूटर समेत दो गिरफ्तार
देसी पिस्टल , गोली और आईफोन हुआ बरामद, 4 अपराधी फरार
रामगढ़। जिले के पतरातू थाना क्षेत्र में वॉलीबॉल के खेल से शुरू हुआ झगड़ा खूनी संघर्ष में तब्दील होने जा रहा था। लेकिन पुलिस की सक्रियता से ना सिर्फ झगड़ा खत्म हुआ, बल्कि पांडे गिरोह के शूटर इरफान उर्फ रेहान उर्फ छोटू समेत दो अपराधी को गिरफ्तार भी कर लिया गया। इस मामले की जानकारी बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस कर एसपी अजय कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि पतरातू ब्लॉक परिसर में मंगलवार के शाम वॉलीबॉल का खेल चल रहा था। इस दौरान योगेश राम का बेटा विशाल राम और राजेश साव का भतीजा आकाश कुमार के बीच कहासुनी हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट की नौबत आ गई।
बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए बुलाया गया पांडे गिरोह का शूटर
इस झगड़े के बाद आकाश के चाचा राजेश साव ने सीधे पांडे गिरोह से संपर्क कर लिया। उसने आकाश की पिटाई का बदला लेने के लिए विशाल राम और उसकी मां को पीटा। इसके बाद उन लोगों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई। मंगलवार की देर रात जैसे ही पुलिस को इस खूनी संघर्ष की जानकारी मिली तत्काल वे सक्रिय हो गए। एसपी ने पतरातू एसडीपीओ गौरव गोस्वामी के नेतृत्व में छापेमारी दल का गठन किया।
आम बगीचा में योजना बनाते पकड़े गए अपराधी
छापेमारी के दौरान सांकूल गांव में आम बगीचा पहुंचकर पुलिस ने घेराबंदी की। इस दौरान दो व्यक्ति पकड़े गए। जिसमें पांडे गिरोह का शूटर पतरातू बस्ती दुर्गा मंडप निवासी इरफान उर्फ रेहान उर्फ छोटू और स्टेशन रोड निवासी राजेश साव उर्फ आर्यन शामिल हैं। छापेमारी के दौरान अंधेरे का लाभ उठाकर चार-पांच अपराधी फरार हो गए। इरफान के पास से 7.65 एमएम लोहे का लोडेड देशी पिस्तौल, एक गोली भी पुलिस ने जप्त किया।
इरफान का रहा है आपराधिक इतिहास
एसपी अजय कुमार ने बताया कि इरफान उर्फ रेहान उर्फ छोटू का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ पहले भी बड़कागांव थाना क्षेत्र में रंगदारी मांगने की प्राथमिकी दर्ज हुई है। वर्ष 2021 में उसके खिलाफ बरकाकाना रेलवे थाना का में भी कांड दर्ज हुआ है। पतरातू थाने में भी उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है। यह पांडे गिरोह का सक्रिय सदस्य है।
छापामारी टीम में ये थे शामिल
छापामारी टीम में पतरातू एसडीपीओ गौरव गोस्वामी, पतरातू थाना प्रभारी शिवलाल कुमार गुप्ता, भदानीनगर ओपी प्रभारी मो अख्तर अली, सब इंस्पेक्टर विक्रम तिग्गा, शेख अफजल हुसैन सहित सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।


