वीर योद्धा शिबू सोरेन के श्राद्धकर्म की तैयारी की ख़ुद देखरेख कर रहे हैं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
रामगढ़। नेमरा गांव पिछले आठ दिनों से पूरे झारखंड के लिए केंद्र बिंदु बना हुआ है। झारखंड राज्य निर्माता दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित करने देश के कई नेता यहां आ चुके हैं। अभी तक जितने भी दिग्गज नेताओं का काफिला नेमरा पहुंचा है, वह सड़क मार्ग से ही होकर गुजरा है। यहां तक कि राहुल गांधी भी सड़क मार्ग से ही नेमरा पहुंच सके थे।
वीवीआईपी का हेलीकॉप्टर सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के घर के सामने ही उतरेगा
लेकिन ब्रह्मभोज के दिन आने वाले वीवीआईपी का हेलीकॉप्टर सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के घर के सामने ही उतरेगा। शिबू सोरेन का ब्रह्मभोज 16 अगस्त को निर्धारित है। इस दिन लगभग 5 लाख लोगों के आने की संभावना है। इसके अलावा देश के कोने-कोने से कई वीवीआईपी यहां हेलीकॉप्टर से पहुंचेंगे।
चार हेलीपैड बनकर तैयार हो गया
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के घर के समीप ही चार हेलीपैड बनाया गया है। मंगलवार को चार हेलीपैड बनकर तैयार हो गया। उसकी ढलाई और रंग रोगन का कार्य भी पूरा हो चुका है। इसके अलावा घर के आसपास ही सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं। दिशोम गुरु के श्राद्धकर्म को लेकर सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी खनन विभाग के निदेशक राहुल सिंह को सौंपी गई है।
9 आईपीएस और 40 डीएसपी के जिम्मे श्राद्ध कर्म की सुरक्षा की कमान
झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन के श्राद्ध कार्यक्रम का आयोजन 16 अगस्त को उनके पैतृक गांव नेमरा (रामगढ़) में होगा। इस अवसर पर पूरे झारखंड से बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचेंगे। कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए झारखंड पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए हैं। डीजीपी अनुराग गुप्ता के आदेश पर नौ सीनियर आईपीएस अधिकारियों को 14 से 16 अगस्त तक रामगढ़ में तैनात किया गया है। मंगलवार को सभी अधिकारियों का एक ट्रायल भी कराया गया।
ये आइपीएस संभालेंगे सुरक्षा की कमान
तीन दिनों तक नेमरा में होने वाले कार्यक्रम की सुरक्षा में प्रियदर्शी आलोक (रेल डीआईजी), किशोर कौशल (जैप 7 कमांडेंट), अंजनी झा (एसपी, जेपीए), एचपी जनार्दनन (एसपी, स्पेशल ब्रांच), आशुतोष शेखर (एसपी, पीटीसी), एहतेशाम वकारिब (एसपी), सौरभ (जैप 1 कमांडेंट), अजय सिन्हा (एसपी, आईटीएस) और मनोज स्वर्गीयरी (एसपी) शामिल हैं। इनके अलावा डीएसपी स्तर के 40 अधिकारियों को भी तैनात किया गया है। इन अधिकारियों को 12 अगस्त से 17 अगस्त तक की जिम्मेदारी दी गयी है। इन अधिकारियों को अलग-अलग जिलों से लाकर यहां तैनात किया गया है।


