गैंगस्टर देते है चंद पैसों का लालच, अपराध की ओर बढ़ते कदम
रामगढ़। कुजू क्षेत्र में युवाओं के बीच तेजी से फैलती नशे की लत अब केवल सामाजिक समस्या नहीं रह गई है, बल्कि यह गंभीर आपराधिक गतिविधियों का आधार बनती जा रही है। हालात ऐसे हैं कि नशे की गिरफ्त में आए कई युवा चंद पैसों और नशे की खुराक के बदले अपराध की दुनिया में धकेले जा रहे हैं।
गैंगस्टरों ने पकड़ी युवाओं की नब्ज
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, संगठित अपराध से जुड़े गिरोहों ने कुजू के युवाओं की कमजोरियों को बखूबी समझ लिया है। बेरोजगारी, आर्थिक तंगी और नशे की लत को हथियार बनाकर गैंगस्टर युवाओं को अपने जाल में फँसा रहे हैं। पहले दोस्ती, फिर छोटे-मोटे काम और अंत में अपराध यही इन गिरोहों की कार्यशैली बताई जा रही है।
नशे के बदले ‘काम’
बताया जा रहा है कि कई युवाओं को सीधे नकद पैसे के बजाय नशे का सामान उपलब्ध कराया जाता है। नशे की खुराक मिलते ही वे गैंगस्टर के इशारे पर अवैध गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं। सूत्रों की मानें तो गोलीबारी, धमकी, रंगदारी जैसे संगीन अपराधों में ऐसे युवाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिन्हें खुद यह भी अहसास नहीं होता कि वे किस दलदल में धँसते जा रहे हैं।
गोलिबारी तक पहुँच रही लत
नशे की हालत में युवाओं से अपराध करवाना आसान हो जाता है। मानसिक संतुलन बिगड़ने और डर खत्म होने का फायदा उठाकर गिरोह उन्हें हथियार थमा देते हैं। हाल के दिनों में हुई कई गोलीबारी की घटनाओं में ऐसे युवाओं की संलिप्तता की चर्चा आम है, जो पहले कभी अपराध की दुनिया से जुड़े नहीं थे।
परिवार और समाज की बढ़ती चिंता
कुजू के कई परिवार अपने बच्चों के बदलते व्यवहार से चिंतित हैं। माता-पिता का कहना है कि पहले पढ़ाई या काम की बातें करने वाले युवा अब चिड़चिड़े, हिंसक और रहस्यमय हो गए हैं। सामाजिक लोगों का मानना है कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगी, तो आने वाले दिनों में हालात और भयावह हो सकते हैं।
प्रशासन और पुलिस के लिए चुनौती
यह पूरा नेटवर्क पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है। नशे की आपूर्ति, युवाओं की भर्ती और अपराध तीनों कड़ियाँ एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल कार्रवाई नहीं, बल्कि नशा मुक्ति अभियान, रोजगार के अवसर और सामाजिक जागरूकता ही इसका स्थायी समाधान हो सकते हैं।
कुजू में युवाओं का नशे और अपराध की ओर बढ़ता रुझान एक गंभीर चेतावनी है
कुजू में युवाओं का नशे और अपराध की ओर बढ़ता रुझान एक गंभीर चेतावनी है। चंद पैसों और नशे की लालच में फँसे ये युवा न सिर्फ अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं, बल्कि पूरे समाज की शांति के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। अब जरूरत है कि परिवार, समाज और प्रशासन मिलकर इस जड़ तक पहुँचे, वरना यह आग पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले सकती है।


