रांची। चुटिया थाना पुलिस ने अपहरण मामले का खुलासा करते हुए एक नाबालिग समेत चार आरोपी को दबोच लिया है। जिम ट्रेनर ने कर्ज उतारने के लिए फिरौती के लिए अपहरण की की घटना को अंजाम दिया गया था। पकड़े गए आरोपी में रुद्रांशु विश्वकर्मा, ऋषभ वर्मन, विकास कुमार एवं एक नाबालिग को निरुद्ध किया गया है।
घटना में प्रयुक्त हुंडई कार सहित हथियार बरामद
घटना में प्रयुक्त हुंडई कार Jh01FP8837), एक देशी पिस्टल, एक देशी कट्टा, दो गोली, एक खोखा, दो स्मार्टफोन और 52 हजार नगद बरामद किया गया है। घटना की जानकारी देते हुए एसएसपी ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 8.30 बजे सूचना मिली कि सिरमटोली फ्लाइओवर से टोटो पर सवार एक स्कूली छात्रा का एक कार पर सवार अज्ञात अपराधियों अपहरण कर फायरिंग करते हुए मेकॉन चौक की तरफ भागे हैं।
पूरे जिले में की नाकेबंदी: एसएसपी
सूचना पर छात्रा की बरामदगी के लिए टीम गठित करते हुए पूरे जिले की नाकाबंदी के साथ पड़ोसी जिलों में बरामदगी के लिए सघन चेकिंग के लिए सुचित किया गया. एसएसपी ने सभी पड़ोसी जिलों के एसपी से व्यक्तिगत रूप से अनुरोध किया कि वे सघन चेकिंग अभियान चलाएं।
एसएसपी ने करीब 90 स्थानों पर लगाई चेकिग
कुल मिलाकर 90 से ज्यादा स्थानों पर चेकिंग शुरू की गई. गठित टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई एवं पुलिस दबिश के चलते रामगढ़ पुलिस के सहयोग से कुजू ओपी क्षेत्र में अपहृता को सकुशल बरामद किया गया. लेकिन लेकिन अपराधी वाहन सहित वहां से चकमा देकर फरार हो गए।
अपराधियों को पकड़ने में कुल 8 टीम कर रही थी छापामारी
अपराधियों की खोज के लिए 8 टीम गठित की और उन्हें अलग-अलग टास्क दिया गया। सीसीटीवी फुटेज के अवलोकन, तकनीकी जांच एवं सभी टीमों के द्वारा गहन अनुसंधान के फलस्वरूप घटना से महज 12 घंटे के अंदर अपहरण में शामिल चारों अपराधी एवं एक सहयोगी गिरफ्तार हो गया है। घटना में शामिल चारों अपराधी ने अपना छद्म नाम अपराध के दौरान रखा था ताकि पीड़ित पक्ष को या पुलिस को असली अपराधी का नाम पता नहीं चल पाए।
अपराधियों ने बदला अपना नाम, ताकि पुलिस को दे सके चकमा
अपराधियों ने अपना छदम नाम हसबुल्ला, सुनील, बिट्टू और प्रीतम रखा था. प्रारंभिक पूछताछ में अपराधियों ने बताया है कि वह फिरौती के लिए इस अपहरण को अंजाम दिया था. लड़की को लेकर बिहार भागने की फिराक में थे. मुख्य साजिशकरता रुद्रांशु विश्वकर्मा एक जिम ट्रेनर है और वह कर्ज उतारने के लिए फिरौती के लिए अपहरण की योजना बनाया था।
ऋषभ बर्मन ने चलाई थी गोली
अपहरण के दौरान ऋषभ बर्मन ने गोली चलाया था. घटना में प्रयुक्त कार (Jh01FP8837) का नंबर बदल कर (JH01FU6874) कर दिया गया था. घटना मे डुप्लिकेट नम्बर प्लेट बनाने वाले को भी गिरफ्तार किया गया है।


