रैगिंग पूरे शैक्षणिक माहौल को दूषित करती है:बीएन साह
रामगढ़। राधा गोविन्द विश्वविद्यालय में चल रहे एंटी रैगिंग सप्ताह समापन किया गया। सप्ताह भर तक चले इस अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को रैगिंग जैसी सामाजिक और शैक्षणिक कुप्रथा से मुक्त वातावरण उपलब्ध कराना तथा उन्हें सुरक्षित, अनुशासित और सकारात्मक शैक्षिक माहौल प्रदान करना था।
नुक्कड़ नाटक और सिग्नेचर कैंपेन का आयोजन
अभियान के अंतिम दिन रामगढ़ ब्लॉक में नुक्कड़ नाटक और सिग्नेचर कैंपेन का आयोजन किया गया। जिसमें छात्रों ने रैगिंग के खिलाफ जोरदार संदेश दिया। पूरे आयोजन में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बीएन. साह, सचिव प्रियंका कुमारी, कुलपति प्रो ( डॉ) रश्मि, कुलसचिव प्रो (डॉ) निर्मल कुमार मंडल, वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉ संजय कुमार,प्रबंध समिति सदस्य अजय कुमार,एंटी रैगिंग कमेटी के संयोजक डॉ प्रेम प्रकाश,कमेटी सदस्य डॉ पूनम, डॉ ममता डॉ रंजना डॉ अमरेश, निशा,अरविंद, राजू ,प्रदीप, महेंद्र मंडल सभी संकायों के शिक्षक, व्याख्याता और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही।
संगोष्ठी, पोस्टर प्रतियोगिता एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
एंटी रैगिंग वीक के दौरान विभिन्न विभागों में परिचर्चा, संगोष्ठी, पोस्टर प्रतियोगिता एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। समापन दिवस को विशेष रूप से यादगार बनाने के लिए नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। छात्र-छात्राओं के दल ने अपने नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया कि रैगिंग केवल एक मज़ाक या परंपरा नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी कुप्रथा है जो विद्यार्थी जीवन और समाज दोनों के लिए हानिकारक है। प्रस्तुति में दिखाया गया कि किस तरह रैगिंग से पीड़ित छात्रों के आत्मविश्वास, मानसिक स्वास्थ्य और शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। नाटक में दर्शाया गया कि “छात्रों का असली परिचय उनके व्यवहार और अध्ययन से होता है, न कि भय और उत्पीड़न से।
नाटक के बाद आयोजित सिग्नेचर कैंपेन में छात्रों और शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हजारों विद्यार्थियों ने बैनर और पंजी पर हस्ताक्षर कर यह संकल्प लिया कि वे न तो रैगिंग करेंगे और न ही इसे सहन करेंगे। यह अभियान विश्वविद्यालय में “रैगिंग-फ्री कैंपस” की दिशा में सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बना।
रैगिंग पूरे शैक्षणिक माहौल को दूषित करती है:बीएन साह
कुलाधिपति बीएन. साह ने अपने संबोधन में कहा रैगिंग जैसी कुप्रथा न केवल एक छात्र के जीवन को प्रभावित करती है, बल्कि पूरे शैक्षणिक माहौल को दूषित करती है। हमें यह सुनिश्चित करना है कि हमारा विश्वविद्यालय अनुशासन, सम्मान और भाईचारे का केंद्र बने। हर छात्र-छात्रा को भयमुक्त वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है।”कुलपति डा. रश्मि ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन किसी भी प्रकार की रैगिंग की घटना को गंभीरता से लेगा और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करेगा। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे आपसी सहयोग, संवाद और मित्रता को बढ़ावा दें और इस अभियान को केवल औपचारिकता न मानकर जीवन का हिस्सा बनाएं। कुलसचिव प्रो डॉ निर्मल कुमार मंडल ने कहा कि विश्वविद्यालय की पहचान उसके अनुशासन और शैक्षणिक संस्कृति से होती हैं।


