रामगढ़। जिले में कोयला कारोबार को लेकर एक बार फिर हलचल तेज़ हो गई है। यह हलचल इसलिए तेज हुई है कि कारोबार में बड़े खिलाड़ी का एंट्री हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, सत्यप्रकाश नामक व्यक्ति की एंट्री के बाद इलाके में कथित रूप से नए सिरे से नेटवर्क सक्रिय हुआ है, जिससे अवैध कोयला कारोबार को लेकर चर्चाएं ज़ोर पकड़ रही हैं।
घाटो के छह नम्बर खदान में उतारा ‘अपना खिलाड़ी’
सूत्रों का दावा है कि घाटो क्षेत्र के छह नम्बर खदान में सत्यप्रकाश द्वारा अपना भरोसेमंद व्यक्तियों उतारा गया है, जो जमीनी स्तर पर गतिविधियों को संचालित कर रहा है। इससे पहले जहां यह इलाका अपेक्षाकृत शांत था, वहीं अब गतिविधियों में तेज़ी देखी जा रही है।
धनबाद से हो रहा है रिमोट कंट्रोल?
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सत्यप्रकाश वर्तमान में धनबाद में रहकर कथित तौर पर पूरे नेटवर्क को रिमोट कंट्रोल के जरिए संचालित कर रहा है। फोन और मैसेंजर के माध्यम से निर्देश देकर कोयले की आवाजाही और वितरण पर नजर रखी जा रही है।
चरही क्षेत्र में सक्रिय बताए जा रहे स्थानीय तस्कर
बताया जाता है कि सत्यप्रकाश के कथित निर्देश पर चरही क्षेत्र में पहले से सक्रिय कोयला तस्करों के माध्यम से अवैध कारोबार को आगे बढ़ाया जा रहा है। कोयले की निकासी से लेकर ढुलाई तक एक संगठित तंत्र के तहत काम होने की चर्चा है।
इशारों में चलता है पूरा खेल?
सूत्रों का मानना है कि चंदन, राहुल और पिंटू नामक व्यक्ति कथित रूप से इशारों में काम करते हुए अवैध कोयला डेहरी मंडी तक पहुंचाने की भूमिका निभा रहे हैं। बताया जा रहा है कि रात के अंधेरे में ट्रकों से कोयले की ढुलाई की जाती है।
प्रशासन की भूमिका पर उठ रहे सवाल
इन चर्चाओं के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों को इस कथित नेटवर्क की जानकारी है? यदि हां, तो अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई। वहीं, प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि सूचना मिलने पर जांच और कार्रवाई की जाएगी।


