रांची/रामगढ़। राजधानी रांची से रहस्यमय ढंग से लापता हुए मासूम भाई–बहन अंश और अंशिका को सकुशल बरामद कर रामगढ़ पुलिस ने न सिर्फ बड़ी कामयाबी हासिल की, बल्कि झारखंड पुलिस की साख को भी मजबूती दी है। इस पूरे अभियान की अगुवाई रामगढ़ एसपी अजय कुमार ने स्वयं की, जिनकी सक्रियता और नेतृत्व की हर ओर सराहना हो रही है।
चितरपुर से सकुशल बरामद हुए बच्चे
जानकारी के अनुसार, अंश और अंशिका को रामगढ़ जिले के चितरपुर इलाके से बरामद किया गया। बच्चों की बरामदगी के बाद एसपी अजय कुमार ने खुद उन्हें सुरक्षित राजधानी रांची पहुंचाया और झारखंड पुलिस मुख्यालय के हवाले किया। बच्चों की स्थिति पूरी तरह सुरक्षित बताई जा रही है, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली है।
त्वरित एक्शन और मजबूत समन्वय
इस संवेदनशील मामले में रामगढ़ और रांची पुलिस के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला, लेकिन मैदानी स्तर पर निर्णायक कार्रवाई रामगढ़ पुलिस की रही। तकनीकी साक्ष्य, स्थानीय सूचना तंत्र और सतत निगरानी के आधार पर पुलिस ने बच्चों तक पहुंच बनाई।
मुख्यालय पुलिस के हवाले
बरामदगी के बाद दोनों बच्चों को झारखंड पुलिस मुख्यालय के सुपुर्द किया गया, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया और पूरे मामले की गहन जांच जारी है। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि बच्चे किन परिस्थितियों में राजधानी से बाहर पहुंचे और इसके पीछे किसी संगठित गिरोह की भूमिका तो नहीं।
रामगढ़ एसपी अजय कुमार की हर ओर प्रशंसा
इस पूरे प्रकरण में रामगढ़ एसपी अजय कुमार की व्यक्तिगत निगरानी, त्वरित निर्णय क्षमता और फील्ड में मौजूदगी को लेकर पुलिस महकमे से लेकर आम लोगों तक उनकी जमकर प्रशंसा हो रही है। लोगों का कहना है कि अगर इसी तरह संवेदनशील मामलों में पुलिस की सक्रियता बनी रहे, तो अपराधियों में निश्चित रूप से डर कायम होगा।
झारखंड पुलिस की साख को मजबूती
राजधानी से बच्चों के लापता होने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे थे, लेकिन रामगढ़ पुलिस की इस सफल कार्रवाई ने न सिर्फ उन सवालों का जवाब दिया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि झारखंड पुलिस हर हाल में नागरिकों की सुरक्षा के लिए तत्पर है।अंश और अंशिका की सकुशल बरामदगी ने यह साबित कर दिया कि सशक्त नेतृत्व, त्वरित कार्रवाई और बेहतर समन्वय से किसी भी चुनौतीपूर्ण मामले को सुलझाया जा सकता है। रामगढ़ पुलिस की यह सफलता आने वाले समय में एक मिसाल के रूप में देखी जाएगी।


