पूर्व प्रमुख स्व रीझूनाथ चौधरी की 11 वीं पुण्यतिथि 9 अगस्त को, बांटे जाएंगे हज़ारों पौधे
स्व रिझुनाथ चौधरी रामगढ़ जिला को अलग करने में निभाएं थे अहम भूमिका
दुलमी में पुण्यतिथि के अवसर पर होगा हज़ारों पौधा का वितरण
प्रिंस वर्मा, रजरप्पा
अलग झारखंड राज्य के आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाले जूझारु नेता सह रामगढ़ प्रखंड के पूर्व प्रमुख स्व रीझूनाथ चौधरी की 11 वीं पुण्यतिथि 9 अगस्त को मनाया जायेगा। इस अवसर पर रामगढ़ जिला के विभिन्न जगहों में धूमधाम के साथ पुण्यतिथि मनाई जाएगी। चितरपुर स्थित सांडी के पैतृक आवास में आयोजित श्रद्धाजंलि सभा में आजसू सुप्रीमो सह सिल्ली के पूर्व विधायक सुदेश कुमार महतो, गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, बड़कागांव विधायक रोशनलाल चौधरी, रामगढ़ की पूर्व विधायक सुनीता चौधरी, गोमिया के पूर्व विधायक लंबोदर महतो, रामगढ़ के व्यवसायी ज्योति कुमार चौधरी, जिप अध्यक्ष सुधा देवी मौजूद रहेंगे। ज्ञात हो कि रामगढ़ जिले के दुलमी और बोकारो जिले के महूआटांड में उनके नाम से इंटर कॉलेज चल रही है। उनके मंझले पुत्र और गिरिडीह के वर्तमान सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी उनके सपनों को पूरा कर रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में रामगढ़ का विशेष पहचान बनता जा रहा है। रामगढ़ जब अलग जिला बना तो अपनी पहली प्रतिक्रिया में पूर्व प्रमुख स्व रिझूनाथ चौधरी ने कहा था कि वे नवसृजित जिले को एजुकेशन हब के तौर पर देखना चाहते थे। पूर्व प्रमुख स्व रिझुनाथ चौधरी शिक्षा के विकास के लिए काफी कुछ किया है। वर्ष 1995 में रजरप्पा प्रोजेक्ट में बालिका उच्च विद्यालय का शुरुआत किया। सांडी स्थित राजवल्लभ उच्च विद्यालय के स्थापना में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। पूर्व प्रमुख की पत्नी कलावती देवी भी शिक्षिका के तौर पर काम करते हुए सेवानिवृत हुए हैं। फिलहाल दुलमी व महुआटाड़ में उनके नाम पर रिझूनाथ कॉलेज की स्थापना की गई है। जबकि गोला में चंद्रप्रकाश चौधरी कॉलेज में सैकड़ों लोगों को शिक्षा दी जा रही है।
संघर्ष की उपज थे रिझुनाथ
युवा अवस्था से ही आमजन की लड़ाई में स्व रिझुनाथ चौधरी आगे रहते थे। सीसीएल रजरप्पा में जब मशीन से कोयला लोड किया जाने लगा तो इन्होंने डटकर विरोध किया, जिसके वजह से उन्हें जेल भी जाना पड़ा। आख़िरकार प्रबंधन झुका और मशीन लोडिंग बंद कर मजदूरों से कोयला लोड कराया जाने लगा। इससे आज भी लगभग 700 परिवारों की रोटी चल रही है। साथ ही जेपी आन्दोलन में भी जेल गए थे, क्योंकि इस क्षेत्र से अग्रणी भूमिका निभाए थे।
दो बार चुनाव लड़े, नहीं मिली सफलता, बेटे ने बढ़ाई राजनीतिक विरासत
रीझूनाथ चौधरी रामगढ़ विस क्षेत्र से दो बार जनसंघ से भी चुनाव लडे थे। दूसरे बार चुनाव में वे दूसरे स्थान पर थे। शुरु से ही जनसंघ पार्टी से जुड़े हुए थे। जीत का स्वाद तो नहीं चख सके, लेकिन उनके मंझले बेटे चंद्रप्रकाश चौधरी राजनीतिक विरासत को बढ़ाते हुए 2006 में विस चुनाव लड़े। आजसू से चुनाव जीते और राज्य के मंत्री भी बने। फिलहाल, गिरिडीह संसदीय क्षेत्र से लगातार भारी मतों से दूसरी बार जीत दर्ज कर गिरिडीह के सांसद बने। सांसद बनकर गिरिडीह के विकास में अहम भूमिका निभा रहे।
गरीबों की हमेशा मदद करते थे मेरे पिता: ज्योति चौधरी
स्व रिझुनाथ चौधरी के छोटे पुत्र सह रामगढ़ के व्यवसायी ज्योति कुमार चौधरी बताते हैं कि उनके पिता हमेशा से ही समाजसेवा से जुड़े थे। गरीब और असहाय का मदद करना ही उनकी पहली प्राथमिकता था। शिक्षा के क्षेत्र में भी कई तरह के काम किए हैं। ताकि रामगढ़ का सर्वांगीण विकास हो। आज पिता के आदर्शों में ही चल रहा हूँ और आगे भी उनके बताएं रास्ते पर चलने का पूरा प्रयास करूंगा।


