आपके मुस्कुराते ही आपका व्यक्तित्व व परिवार खिलखिला उठता है : संजय प्रभाकर
सुखी व खुश के अंतर को समझना होगा : बसंत हेतमसरिया
खुश रहना, खुशी रखना शुभंकर मंत्र है अपना : डॉ संजय
रामगढ़। प्रसन्नम भवः खुशी का मंत्र है अपना, खुश रहना, खुशी रखना शुभंकर मंत्र है अपना। इसी उदघोष के साथ केबी प्लस टू उवि लारी में 524 वां व डॉ एस राधा कृष्णन बीएड कॉलेज 525 वां खुशी क्लास का आयोजन हुआ। लाइफ केयर हॉस्पिटल रांची व खुशी क्लास के तत्वावधान में आयोजित केवी में खुशी क्लास की अध्यक्षता प्राचार्य राजदीप कुमार महतो ने किया। संचालन राजू मंडल व धन्यवाद ज्ञापन निशा कुमारी ने किया। डॉ एस राधाकृष्णन में अध्यक्षता सचिव संजय प्रभाकर, संचालन प्रो नयन कुमार मिश्रा व धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्य सुशील उपाध्याय ने किया। कार्यक्रम के पूर्व अतिथियों को अंगवस्त्र व पुष्प देकर सम्मानित किया गया।
सुख व खुशी के अंतर को समझना होगा
खुशी क्लास को सम्बोधित करते हुए बसंत हेतमसरिया ने कहा कि सुख व खुशी के अंतर को समझना होगा। सुख भौतिक संसाधन से मिलेगा, पर इससे खुशी भी मिल जाए, यह जरूरी नहीं है। खुशी आपके अंतर्मन की अभिव्यक्ति है। खुद को पहचान कर, खुले दिल से जब आप सकारात्मक भाव से आगे बढ़ते हैं, खुशियां स्वतः आपके पास आ जाती है। बीएड कॉलेज के संजय प्रभाकर ने कहा कि प्रकृति से जब आप खुद को जोड़ लेते हैं, तब आपमें जो मेरे पास है वो पर्याप्त है ; का भाव आ जाता है। दूसरों की चकाचौंध आपको प्रभावित नहीं करती। बस यहीं से खुशियों का श्रोत्र आपमें फूटने लगता है।
खुशी क्लास का प्रयास अनूठा है
बीएड कॉलेज के प्राचार्य सुशील उपाध्याय व केवी के प्राचार्य राजदीप सर ने कहा कि खुशी क्लास का प्रयास अनूठा है। मैं अपनी जिंदगी में दिल को छूने वाला इस तरह का कार्यक्रम नहीं देखा। खुशी क्लास बच्चों में जबरदस्त ऊर्जा भरती है। खुशी क्लास के संस्थापक सह संचालक मुकेश सिंह चौहान ने कहा कि तनाव में रहकर हम कभी भी मंजिल पा ही नहीं सकते। तनाव ही जिंदगी को बोझिल कर आत्महत्या के लिए प्रेरित करता है। इससे हम खुश रहकर ही लड़ सकते हैं। अभी समाज में 8.97 प्रतिशत आत्महत्या का रेसयू हो गया है। खुशी क्लास आत्महत्या की इसी प्रवृत्ति के साथ तनाव से लड़ने के लिए खुशी रथ लेकर पूरे झारखंड के लिए निकली है। खुद को सकारात्मकता में ढालकर ही हम खुशी को पा सकते हैं। और बस यही खुशी हमें तनाव से उबार देती है। अंत में दोनों जगह छात्रों सहित स्कूल परिवार खुशी दूत बनकर तनावमुक्त जिंदगी जीने का संकल्प लिया।


