भारी भीड़ और रेलवे फाटक बना यातायात व्यवस्था फेल होने का मुख्य कारण
रामगढ़। दिशोम गुरु और नेमरा का लाल शिबू सोरेन का श्राद्धकर्म शनिवार को संपन्न हो गया। उनके श्रद्धाकर्म को लेकर पूरे राज्य से लोग नेमरा की ओर कूच गए और हालात बिगड़ने लगा। रास्ते में ही गाड़ियां रेंगने लगी।जिसके कारण यातायात व्यवस्था चंद घंटे में ध्वस्त हो गया। जिला प्रशासन से लेकर राजस्तर के अधिकारियों का बनाया गया प्लान को उमड़ा जनसैलाब ने मिनटों में किनारा लगा दिया।
गोला से नेमरा तक रेंगने लगी गाड़ियाँ
जिसके कारण गोला से नेमरा तक छोटे वाहन रेंगती नजर आई। जिससे यातायात व्यवस्था में लगे आईपीएस से लेकर डीएसपी के भी पसीने छूटने लगा। लोगों के साथ-साथ अधिकारियों को भी सांस फूलने लगी। लेकिन स्थिति सुधरने में कोई चांस नहीं दिखने लगा। क्योंकि बाबा को श्रद्धांजलि देने के लिए लोग नेमरा की तरफ भारी संख्या में कूच कर गए थे। जिसके कारण अधिकारियों की प्लानिंग धरी की धरी रह गई।
रेलवे फाटक बना सबसे बड़ा बाधक, रास्ते से लौटे लोग
यात्री बस, कार और अन्य संसाधनों से लोग जैसे ही नेमरा की ओर बढ़े। वैसे ही रास्ते में पड़ने वाले रेलवे फाटक समय-समय पर बंद मिला। जिसके कारण वाहनों की कतार लंबी होती चली गई। कुछ वाहन चालकों की गलतियों के कारण भी लोगों का जाम का सामना करना पड़ा। ओवरटेक और इधर-उधर गाड़ियां भगाने के कारण सड़क पूरी तरह ब्लॉक हो गया।
वाहनों की कतारे देख बेवश और लाचार दिखे अधिकारी
जिसके कारण यातायात व्यवस्था में जुटे अधिकारी बेवजह और लाचार दिखने लगे। अधिकारी पैदल ही कईएक किलोमीटर चलकर व्यवस्था सुधारने का भरसक प्रयास किया। लेकिन भारी संख्या में वाहन होने के कारण उन्हें भी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
गोला डीवीसी चौक पर खुद आईपीएस अंजनी झा ने मोर्चा संभाला
गोला डीवीसी चौक पर खुद आईपीएस अंजनी झा मोर्चा संभाल रहे थे। वे लगातार वाहन चालकों को संयमित होकर आगे बढ़ने की अपील कर रहे थे। कुछ ही दूरी पर मुख्यालय डीएसपी चंदन वत्स यातायात को सुचारु रूप से चलने करने के लिए पसीना बहा रहे थे। लेकिन उनकी मेहनत पर लापरवाह कार चालक और बस चालक, मोटरसाइकिल चालक पानी फेरता रहा।
मुख्यालय डीएसपी का गुज़ारिश और अपील नहीं आया काम
उनका गुजारिश और आग्रह का कोई असर नहीं हो रहा था। जिसके कारण मिनट मिनट में वाहनों की लंबी कतार और मोटरसाइकिलों की झुंड जमा हो रहे थे। जिसके कारण व्यवस्था बिगड़ता ही चला गया।
अव्यवस्था और यातायात व्यवस्था से नाराज, रास्ते से लौटे लोग
गोला डीवीसी चौक से जैसे ही लोग नेमरा की ओर बढ़े तो लगा कि बाबा को श्रद्धांजलि देने चंद मिनट में ही पहुंच जाएंगे। क्योंकि गोला की सड़के को चकाचक बना दिया गया था। लेकिन उन्हें क्या पता था कि कुछ ही किलोमीटर आगे जाकर नज़ारा बदल जाएगा। हुआ यूं कि हारूबेड़ा रेलवे फाटक के पहले गाड़ियों की लंबी कतार देखने लगी। जिसे देख लोग हताश और परेशान हो गए। काफी परिश्रम के बाद हारूबेड़ा रेलवे फाटक पार कर गाड़ियों की स्पीड बढ़ाई। लेकिन गाड़ियों का स्पीड ज्यादा देर तक नहीं टीका और आगे चलकर फिर वाहनों का पहिया थम गया। क्योंकि दूसरा रेलवे फाटक भी बंद मिला और गाड़ियों का काफिला बढ़ते रहा। जिसके कारण जाम की स्थिति बन गई। पूरा रोड महाजाम की समस्या से जूझने लगी। जिससे असंतोष होकर लोग वापस लौटने में ही अपनी भलाई समझी। हालांकि लोगों का भीड़ धीरे-धीरे नेमरा की ओर बढ़ रही थी। लेकिन वह कब नेमरा पहुंचेंगे इसका अंदाजा किसी को भी नहीं है।


