रामगढ़। पतरातू प्रखंड के बलकुदरा, रसदा और जयनगर गांवों के रैयतों ने छाई डैम निर्माण को लेकर रैयत, प्रबंधन और प्रशासन सामने सामने हो गया है। कुछ देर के लिए टकराव की स्थिति बनी रही। लेकिन पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।
जमीन नहीं देने पर अड़े रैयत, वार्ता पर सहमति बनी
हजारों की संख्या में जुटे ग्रामीण महिला-पुरुषों में काफी आक्रोश देखने को मिला। एक ओर प्रबंधन और जिला प्रशासन निर्माण कार्य जारी रखने पर अड़े रहे, तो दूसरी ओर रैयत अपनी पुश्तैनी जमीन की रक्षा के लिए डटे रहे। तनावपूर्ण माहौल के बीच दोनों पक्षों के बीच वार्ता की सहमति बनी है,
सहमति के बाद होगा कोई फैसला
हालांकि रैयतों की मांग है कि जब तक बातचीत पूरी नहीं हो जाती, तब तक काम पूरी तरह रोका जाए। प्रबंधन ने वार्ता को लेकर सहमति जताई है, लेकिन काम बंद करने से इंकार किया है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यह जमीन उनके पूर्वजों की धरोहर है और वे इसे किसी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे। यदि वार्ता में उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे पुनः आंदोलन को तेज करेंगे।
डैम निर्माण के लिए कार्य जरूरी
वहीं पीवीयूएनएल प्रबंधन ने अपनी बात रखते हुए कहा कि डैम निर्माण के लिए जरूरी प्रक्रिया के तहत ही कार्य हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय लोगों को रोजगार देने का काम पहले भी किया गया है और आगे भी किया जाएगा, लेकिन काम पूरी तरह सिस्टम से ही होगा। फिलहाल सभी की नजरें प्रस्तावित वार्ता पर टिकी हैं, जिसके बाद आगे की दिशा तय होगी।
कौन कौन थे मौजूद
बलकुदरा आमबाग में विधायक रोशन लाल चौधरी, झामुमो के हजारीबाग जिला अध्यक्ष संजीव कुमार बेदिया, जिला परिषद सदस्य राजाराम प्रजापति, बलकुदरा पंचायत के मुखिया विजय मुंडा, जयनगर मुखिया हीरा देवी, लबगा मुखिया किरण यादव, सामाजिक कार्यकर्ता लालू यादव, उदय अग्रवाल, आशीष शर्मा सहित सैकड़ो ग्रामीण उपस्थित थे।


