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Home»झारखंड»रामगढ़»हिंदी हमारी पहचान है, इसे कार्य संस्कृति और व्यवहारिक जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी : जीएम
रामगढ़

हिंदी हमारी पहचान है, इसे कार्य संस्कृति और व्यवहारिक जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी : जीएम

खबरबोल एडिटरBy खबरबोल एडिटरSeptember 19, 20252 Mins Read
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राजभाषा माह पर हुआ कवि सम्मेलन का आयोजन, कविताओं से गूंजा रजरप्पा ऑफिसर्स क्लब

प्रिंस वर्मा, रजरप्पा

सीसीएल राजरप्पा प्रोजेक्ट स्थित ऑफिसर्स क्लब में राजभाषा माह 2025 और सतर्कता जागरूकता अभियान के तहत बीती रात भव्य कवि सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका उदघाटन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रजरप्पा महाप्रबंधक कल्याणजी प्रसाद द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। मौके पर महाप्रबंधक ने कहा कि “राजभाषा का संवर्धन और सतर्कता की भावना को मजबूत करना हम सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। हिंदी हमारी पहचान है, इसे कार्य संस्कृति और व्यवहारिक जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है। सतर्कता केवल भ्रष्टाचार विरोध नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जिम्मेदारी से काम करने की प्रेरणा भी देती है। तत्पश्चात सम्मेलन में आमंत्रित कवि सरोज झा झारखंडी, नेहाल हुसैन, शालिनी नायक सहबा, मीणा बंधन, ओंकार शर्मा कश्यप, रीना यादव और अनंत महेंद्र ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। कवियों ने वीर, शृंगार, हास्य और विरह रस से भरपूर कविताएँ सुनाईं। ऑपरेशन सिंदूर जैसी सामयिक और राष्ट्रहित की रचनाओं ने श्रोताओं को गहराई तक प्रभावित किया। कवियों की ओजपूर्ण पंक्तियों और भावपूर्ण प्रस्तुति पर सभागार देर तक तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन राजभाषा नोडल अधिकारी आशीष झा ने किया। मौके पर उन्होंने कहा कि यह आयोजन राजभाषा प्रचार, साहित्यिक चेतना और सतर्कता संदेश को समाज तक पहुंचाने की दिशा में सराहनीय कदम है। मौके पर सद्भावना मंच के योगेंद्र उपाध्याय, चंद्रशेखर पटवा, यूनियन प्रतिनिधि अनिल प्रसाद, राजेंद्रनाथ चौधरी, हाजी अख्तर आजाद, आरपी सिंह, सुरेश राम, मनीष पांडेय सहित कई मौजूद थे।

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