अपने लाल को देखने बेताब हुए नेमरावासी, अंतिम दर्शन के लिए नम हुआ आंखे
दिशोम गुरु शिबू सोरेन का पार्थिव शरीर नेमार पहुंचते ही दौड़ पड़ा नेमरा
रामगढ़। दिशोम गुरु शिबू सोरेन का पार्थिव शरीर नेमरा करीब 2:30 बजे पहुंचा। फूलों से सजी दिशोम गुरु शिबू सोरेन का पार्थिव शरीर रखा गया था। जिसे लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन नेमरा पहुंचे। लोगों की नजर जैसे ही सजी वाहन पर पड़ी लोग मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की आवास की ओर दौड़ पड़े। इसके बाद एक झलक पाने के लिए लोगों की दीवानगी और बेताबी भीड़ से शिबू सोरेन अमर रहे, जब तक सूरज चांद रहेगा, बाबा तेरा नाम रहेगा। बाबा के चाहने वालों की नजर जैसे ही बाबा पर पड़ी उनकी आंखें छलक गई और हर चेहरा मायूस हो गया। बाबा तुम कहां चले गए अब हम किसके भरोसे रहेंगे, लोगों की पीड़ा से स्पष्ट झलक रहा था कि उनके सर से साया उठ गया है। हालांकि बड़ी उम्मीद के साथ बाबा के चाहने वाले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर निहार रहे थे, मुख्यमंत्री लोगों की व्यवस्था देखकर नजरों ही नजरों में सांत्वना देने का प्रयास कर रहे थे। लेकिन बाबा के दीवाने कहां मानने वाले थे उनकी आंखें बार-बार नम हो रही थी।
कंधे पर अर्थी उठते ही फफक कर पड़े हेमंत और बसंत
नेमरा स्थित आवाज से दिशोम गुरु शिबू सोरेन का अंतिम यात्रा निकाली गई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक पुत्र बसंत सोरेन ने जैसे ही बाबा की अर्थी कंधे पर उठाए दोनों फफक कर रोने लगे। जिसे देख परिवार वालों की आंखें नम हो गई। जबकि उमड़ी समर्थकों की भीड़ भी कलपने लगी। इस दौरान दोनों बेटे के अलावा रिश्तेदार और समर्थक बाबा की अर्थी को कंधा देकर शमशान घाट पहुंचा। जहां पूरे विधि विधान से बाबा को मुखाग्नि दिया गया। इस दौरान उन्हें राजकीय सम्मान दिया गया।


