रामगढ़। शहर के हृदय स्थल लोहार टोला स्थित होलिका दहन स्थल पर कथित कब्जे की कोशिश को लेकर इलाके में भारी तनाव की स्थिति बन गई है। दशकों पुरानी धार्मिक परंपरा और आस्था से जुड़े इस स्थल पर जैसे ही निर्माण/कार्य शुरू किया गया, स्थानीय लोगों का आक्रोश फूट पड़ा।
काम का विरोध करने पहुंचे पूर्व विधायक के साथ बदसलूकी
विवाद की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे पूर्व विधायक जब काम का विरोध करने लगे, तो कथित रूप से उनके साथ धक्का-मुक्की और बदसलूकी की गई। इस घटना के बाद माहौल और अधिक गर्म हो गया। समर्थकों और स्थानीय लोगों में भारी रोष देखा गया।
घंटों चला हाई वोल्टेज ड्रामा
लोहार टोला में घंटों तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और काम को तत्काल बंद करने की मांग करने लगे। लोगों ने एक सुर में कहा कि होलिका दहन स्थल पर किसी भी तरह का कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिला प्रशासन के आदेश पर पहुंची पुलिस
स्थिति बिगड़ते देख जिला प्रशासन के आदेश पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया और हालात पर काबू पाने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया।
पुलिस ने काम बंद करने का दिया आदेश
तनावपूर्ण हालात को देखते हुए पुलिस ने विवादित जमीन पर तत्काल काम बंद करने का आदेश दिया। इसके बाद फिलहाल कार्य रोक दिया गया, जिससे इलाके में आंशिक रूप से शांति बनी।
स्थानीय लोगों की चेतावनी – खून-खराबे की आशंका
स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर दोबारा जमीन पर काम शुरू हुआ तो कभी भी खून-खराबा हो सकता है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन की ढुलमुल नीति और स्पष्ट निर्णय की कमी के कारण हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
ठोस कार्रवाई की माँग
लोहार टोला वासियों ने जिला प्रशासन से सख्त और निर्णायक फैसला लेने की मांग की है। लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थल और सार्वजनिक जमीन को लेकर किसी भी तरह की अनदेखी शहर की शांति को खतरे में डाल सकती है।
दिन-ब-दिन बढ़ता शहर में तनाव
यह घटना सिर्फ लोहार टोला तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे शहर में तनाव का माहौल बनता जा रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि
किसके इशारे पर काम शुरू हुआ?। किसका संरक्षण है?
और प्रशासन कब तक सिर्फ आग बुझाने का काम करता रहेगा?फिलहाल हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में हैं। मगर अगर समय रहते ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो लोहार टोला का यह विवाद शहरव्यापी आंदोलन का रूप भी ले सकता है।
जिला प्रशासन ने अपनाया कड़ा रुख़
जिला प्रशासन ने तत्काल उक्त जमीन पर काम नहीं करने का आदेश दिया। साथ ही 144 लगाने का भी आदेश दिया है। जिससे काम बंद करने की संभावना बढ़ी है। साथ ही तनाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।


