पुलिस का दावा शूटरों की हो चुकी है शिनाख्त, जल्द होंगे खुलासे
पटना: गोपाल खेमका शवयात्रा में पहुंचे रौशन कुमार नामक संदिग्ध से पूछताछ कर रही है. पटना पुलिस रौशन कुमार को उस वक्त पकड़ा जब वह गोपाल खेमका की शवयात्रा में फूल-माला लेकर आया था. पुलिस को रौशन पर शक हुआ तो उसे उठा कर गांधी मैदान थाने ले गया।
पुलिस की गतिविधि पर नजर रखने का शक
फिलहाल पुलिस पूछताछ कर रही है कि आखिर वह वहां क्यों पहुंचा. पुलिस की गतिविधि पर नजर रखने के लिए तो वह नहीं आया था. वही गोपाल खेमका के छोटे बेटे डॉ गौरव खेमका के लिखित बयान पर गांधी मैदान थाने में अज्ञात के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है. गांधी मैदान थानेदार खुद इस केस के अनुसंधानकर्ता हैं. बताया जा रहा है कि 10 दिन पहले ही गोपाल खेमका की हत्या की साजिश रची गयी थी. 24 जून को अजय वर्मा और उसके चार गुर्गों को एसटीएफ व दिल्ली पुलिस ने छापेमारी कर गिरफ्तार किया था. कारण हत्या का समय बदल दिया गया. हत्या से पहले पूरी रेकी हुई थी. एक लाइनर खेमका पर नजर रख रहा था. बांकीपुर क्लब के पास कई लोगों के होने से हत्या करने का स्पॉट उनके घर के पास को चुना गया. बांकीपुर क्लब के पास से ही लाइनर ने शूटर को सूचना दी. शूटर घर के गेट पर पहुंच गया. जैसे ही खेमका पहुंचे,शूटर ने उनकी कार के दाहिनी ओर से कनपटी पर गोली मारकर फरार हो गया.
शूटर का पहचान, चल रही है छापेमारी
घटना के दिन लाइनर समेत तीन लोग दलदली रोड में जुटे थे. तीनों ने साथ में चाय पी और इसके बाद शूटर गोपाल खेमका के आवास के पहुंचा. एक बांकीपुर क्लब गया और तीसरा बिस्कोमान भवन के आसपास था. गोपाल खेमका को गोली मारने के बाद शूटर बाइक से जेपी गोलंबर से बिस्कोमान भवन होते दादी मंदिर गली से निकल कर आगे गया. उसके बाद वहीं से आगे निकल कर जेपी गंगा पथ होते फरार हो गया. पुलिस इन सभी रूटों पर सीसीटीवी कैमरे को खंगालने में जुटी है. पुलिस को बाइक का नंबर मिला है, पर साफ नहीं है. पुलिस का दावा है कि शूटर की पहचान कर ली गई है. विजय नामक शूटर बुद्धा कॉलोनी थाने में दर्ज एक हत्या के मामले में फरार है. शूटर के अलावे दो-तीन और की पहचान हुई है, जो इस घटना के पीछे थे. अब तक कि जांच में जमीन विवाद की ही बात सामने आयी है. उद्योगपति गोपाल खेमका की हत्या में एसआइटी ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है. पुलिस की टीम फुतहा, आरा, हाजीपुर, सोनपुर से लेकर छपरा तक छापेमारी की है.जेल में बंद सुल्तानगंज के अजय वर्मा व उसके तीन गुर्गों समेत अन्य लोगों से पूछताछ हुई.


