रामगढ़। गुरुवार को कोयलांचल का प्रशिद्ध स्कूल डीएवी बरकाकाना में खुशी क्लास का आयोजन हुआ। लाइफ केयर हॉस्पिटल, रांची और खुशी मिशन के तत्वावधान में आयोजित खुशी क्लास की अध्यक्षता प्रिंसिपल मुस्तफा सर ने किया। संचालन प्रो डॉ संजय प्रशाद ने किया। खुशी क्लास को सम्बोधित करते हुए प्रिंसिपल मुस्तफा सर ने कहा कि जीवन को बदलने वाली है खुशी क्लास। सकारात्मकता की शक्ति को जिसने पहचान लिए, उसे विजेता बनने से कोई रोक ही नहीं सकता। खुशी क्लास सकारात्मकता की इसी शक्ति को भरने का काम कर रहा है। संचालन कर रहे डॉ संजय ने कहा कि यह 526 वां खुशी क्लास कई मायने में अदभुत रहा। छात्रों ने जो उत्साह दिखाया, यह खुद सफ़लता की राह गढ़ जाती है। उन्होंने मिसाइल मैन की कई प्रेरणादायक बातें छात्रों को बताई। फेल, नो और इंड के सकारात्मक पहलू को बताया। खुशी क्लास के संस्थापक सह संचालक मुकेश सिंह चौहान ने कहा कि परीक्षा में प्राप्त अंक को कभी भी तनाव में नहीं लें। अंक सिर्फ माध्यम मात्र है, आपकी व्यक्तित्व की पहचान नहीं। जैसे सड़क के किनारे मील के पत्थर यह बताते हैं कि आप किसी जगह से कितनी दूरी पर हैं। बस इसी तरह अंक बता देता है कि अभी आपको और आगे जानी है या आप कहां खड़े हैं। इसलिए अंक को तनाव के रूप में कभी नहीं लें, कतई नहीं लें। सिर्फ कैरियर पर फोकस नहीं, बल्कि संपूर्ण व्यक्तित्व विकाश पर ध्यान केंद्रित करें। यह खुशी के साथ ही संभव है। चौहान ने बताया कि सकारात्मकता के गर्भ से खुशी जन्मती है। खुश रहकर ही आप मंजिल को पा सकते हैं, जिंदगी जिंदादिली के साथ जी सकते हैं। इसका कोई विकल्प है ही नहीं। खुशी दूत संदीप शाह ने कहा कि तनाव क्रोध के रूप में बाहर निकलकर हमारे व्यक्तित्व को तहस-नहस कर देती है। तनाव में कोई भी मंजिल पा ही नहीं सकते। इसलिए खुशी के साथ सकारात्मकता को हथियार बना मंजिल फतेह कीजिए। कार्यक्रम के अंत में चौहान ने कॉलेज और स्कूल प्रबंधन से आग्रह किया कि कभी भी कोई तनाव से सम्बंधित मामला आए, खुशी क्लास से जरूर संपर्क करें। निःशुल्क हर संभव मदद दी जाएगी।
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